जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे
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उदयपुर, डूंगरपुर और जयपुर में एक साथ कार्रवाई; करोड़ों की अघोषित संपत्ति के खुलासे की संभावना
उदयपुर, 9 अक्टूबर: आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने गुरुवार तड़के नेशनल हाईवे और रेलवे से जुड़े ठेकों पर काम करने वाली जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के कई ठिकानों पर छापेमारी की। उदयपुर में कंपनी के हिरणमगरी सेक्टर-13 गवरी चौक, मधुवन और अंबामाता क्षेत्र स्थित तीन कार्यालयों पर सर्च ऑपरेशन किया गया। कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।
आयकर विभाग की टीमें सुबह छह बजे ही पहुंच गई थीं। जांच के दौरान सभी कार्यालयों को सील कर दिया गया और किसी को भी अंदर-बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह सर्च ऑपरेशन कंपनी से जुड़े लेनदेन और अघोषित संपत्ति की गोपनीय सूचनाओं के आधार पर किया गया है।
उदयपुर के अलावा जयपुर और डूंगरपुर में भी कंपनी से संबंधित अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी चल रही है। कार्रवाई आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा के संयुक्त निदेशक अवधेश कुमार के नेतृत्व में की जा रही है, जिसमें 200 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।
विभाग ने अब तक कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए हैं, जिनकी जांच जारी है। अनुमान है कि सर्च ऑपरेशन में करोड़ों रुपए की अघोषित संपत्ति का खुलासा हो सकता है। गौरतलब है कि जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जो हाईवे, रेलवे ट्रैक, टनल, पॉवर इंफ्रास्ट्रक्चर, रोप-वे और लॉजिस्टिक पार्क निर्माण जैसे बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स पर कार्य करती है।
डूंगरपुर में श्रीबालाजी कंस्ट्रक्शन पर भी छापेमारी
आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन टीम ने गुरुवार सुबह जीआर इंफ्रा के सबलेट ठेकेदार श्रीबालाजी कंस्ट्रक्शन के डूंगरपुर स्थित ऑफिस और घर पर छापेमारी की। दो टीमें अलग-अलग स्थानों पर ठेके और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही हैं।
जानकारी के अनुसार आयकर की टीम सुबह दो गाड़ियों से डूंगरपुर पहुंची और तिजवड स्थित ऑफिस व प्रतापनगर क्षेत्र स्थित आवास पर एक साथ कार्रवाई शुरू की। अचानक हुई छापेमारी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
श्रीबालाजी कंस्ट्रक्शन राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य सड़कों के निर्माण कार्य से जुड़ा ठेकेदार बताया जा रहा है। आयकर विभाग की टीमें उसके प्रोजेक्ट्स से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं। फिलहाल विभाग की ओर से कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
