सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस: हाईकोर्ट में फिर शुरू हुई सुनवाई
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सोहराबुद्दीन के भाइयों ने 2018 में दिए फैसले के खिलाफ री-ट्रायल की मांग की
उदयपुर, 9 अक्टूबर: साल 2005 में कुख्यात गैंगस्टर सोहराबुद्दीन और उसके साथी तुलसीराम प्रजापति के एनकाउंटर मामले की सुनवाई मुंबई हाईकोर्ट में छह साल बाद फिर से शुरू हुई। सोहराबुद्दीन के भाई रूबाबुद्दीन और नयाबुद्दीन ने 2018 में सीबीआई स्पेशल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें 22 पुलिसकर्मियों को बरी किया गया था। उन्होंने री-ट्रायल की मांग की और कहा कि सीआरपीसी की धारा 197 के तहत डिस्चार्ज किए गए आईपीएस अधिकारियों को राहत नहीं दी जानी चाहिए और होस्टाइल गवाहों के बयानों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
सीबीआई ने स्पष्ट किया कि वह 2018 के फैसले के खिलाफ अपील नहीं करेगी और स्पेशल कोर्ट के निर्णय को स्वीकार करती है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 200 गवाहों में से 92 गवाह होस्टाइल हुए और कई बयानों की वीडियोग्राफी कोर्ट में पेश नहीं की गई। साथ ही 118 गवाहों की गवाही को निचली अदालत ने अविश्वसनीय मानकर खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट ने अपीलकर्ताओं से कहा कि वे 15 अक्टूबर तक उन गवाहों के नाम पेश करें, जिनके बयान सही प्रक्रिया के अनुसार दर्ज नहीं किए गए। अगली सुनवाई में इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
