आदिवासी इस देश के असली मालिक, गुलामी स्वीकार्य नहीं: दुलीचंद
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झाडोल में प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा
उदयपुर, 9 अक्टूबर: आदिवासी जनाधिकार एका मंच के राज्य अध्यक्ष दुलीचंद ने कहा कि आदिवासी इस देश के मूल निवासी हैं और इसके असली मालिक हैं, लेकिन सरकारों ने उन्हें गुलाम बना रखा है, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह बात गुरुवार को अखिल भारतीय किसान सभा और आदिवासी जनाधिकार एका मंच के संयुक्त प्रदर्शन के दौरान उप जिला कलेक्टर कार्यालय झाडोल पर आयोजित आमसभा में कही।
दुलीचंद ने कहा कि आदिवासियों का शोषण किया गया, लेकिन मुद्दा आदिवासी बनाम गैर-आदिवासी बना कर जनता को गुमराह किया जा रहा है। सभा की अध्यक्षता कैलाश चंद्र बोदर ने की। माकपा जिला सचिव राजेश सिंघवी ने कहा कि आदिवासी इलाकों में आम जनता और आदिवासियों को लगातार लूटा जा रहा है, जबकि मंत्री और सांसद आदिवासी हिंदू होने के नारे देकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं।
सभा में आदिवासी जनाधिकार एका मंच के राज्य सचिव विमल भगोरा, किसान नेता बाबूलाल वडेरा, स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य उपाध्यक्ष फाल्गुन बराडा, जिलाध्यक्ष हाकरचंद खराड़ी, प्रेम पारगी व सीताराम तेजाराम ने भी अपने विचार व्यक्त किए। प्रदर्शन के बाद प्रेम पारगी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आदिवासियों की मांगों का ज्ञापन उप जिला कलेक्टर झाडोल को सौंपा।
