एमबी अस्पताल, मॉकड्रिल में सामने आई कमियों की हकीकत
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सुरक्षा उपकरण कम, फायर स्टाफ अनट्रेंड; जल्द दुरुस्त किए जाएंगे सिस्टम
उदयपुर, 9 अक्टूबर : शहर के महाराणा भूपाल (एमबी) अस्पताल में गुरुवार को की गई मॉकड्रिल ने कमियों की पुष्टि कर दी। मॉकड्रिल के दौरान अस्पताल परिसर में सुरक्षा उपकरण अपर्याप्त मिले और अधिकांश फायर स्टाफ आग बुझाने में प्रशिक्षित नहीं था।
मॉकड्रिल के तहत सुपर स्पेशलिटी विंग की चौथी मंजिल पर आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही अस्पताल स्टाफ और फायर टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और नगर निगम की तीन फायर ब्रिगेड गाड़ियों ने आग को नियंत्रित करने का अभ्यास किया। कुछ देर के लिए अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन मॉकड्रिल की जानकारी मिलने पर स्थिति सामान्य हो गई।
गौरतलब है जयपुर के एसएमएस अस्पताल में आग लगने से आठ मरीजों की मौत के बाद राज्यभर के अस्पतालों में यह ड्रिल आयोजित की जा रही है। उदयपुर में हुई ड्रिल के दौरान फायर सिस्टम, अलर्टनेस और सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया।
फायर स्टाफ को प्रशिक्षित करने के निर्देश
एडीएम ओझा ने नगर निगम के फायर सेफ्टी विभाग को निर्देश दिया कि सभी फायर स्टाफ को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि आकस्मिक स्थिति में तत्परता से काम किया जा सके। नागरिक सुरक्षा और पुलिस की टीमों ने भी अभ्यास में भाग लिया।
जो कमियां मिली, उन्हें जल्द दुरुस्त किया जाएगा
एमबी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन ने बताया कि उच्च स्तरीय निर्देशों के बाद यह मॉकड्रिल की गई। इसमें कई तकनीकी कमियां पाई गईं, जिन्हें जल्द दुरुस्त किया जाएगा। वहीं, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर फायर फाइटिंग सिस्टम और उपकरणों की स्थिति देखी। उन्होंने पाया कि अस्पताल में सुरक्षा उपकरण सीमित हैं और कई स्टाफ सदस्य प्रशिक्षण प्राप्त नहीं हैं।
