चित्तौड़गढ़ नगर परिषद में सफाई ठेके में गड़बड़ी!
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कांग्रेस पार्षदों ने लगाया लाखों के भ्रष्टाचार का आरोप
उदयपुर, 10 अक्टूबर (विजन 360 न्यूज डेस्क): नगर परिषद में घर-घर कचरा संग्रहण कार्यों को लेकर शहर की राजनीति फिर गर्मा गई है। शुक्रवार को पूर्व सभापति संदीप शर्मा और कई कांग्रेस पार्षदों ने नगर परिषद आयुक्त से मुलाकात कर सफाई ठेके में भारी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। पार्षदों ने कहा कि नगर परिषद की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और शहरवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
नगर परिषद हर महीने ₹18.33 लाख के कार्य आदेश जारी करती है। इसमें शहर में 42 ऑटो टिपर और 3 ई-रिक्शा लगाए जाने का प्रावधान है, लेकिन मैदान में केवल 14 से 15 ऑटो टिपर ही काम कर रहे हैं, जबकि ई-रिक्शा बिल्कुल नहीं चल रहे। शर्मा ने आरोप लगाया कि ठेका कार्य में हर महीने लगभग ₹11 लाख का भ्रष्टाचार हो रहा है, जो सालभर में ₹1.32 करोड़ तक पहुंचता है।
कांग्रेस पार्षदों ने बताया कि जब आयुक्त से पूछा गया कि कितनी गाड़ियां काम कर रही हैं, तो अधिकारियों के पास कोई ठोस जानकारी नहीं थी। नालों की सफाई न होने से शहर में गंदगी और दुर्गंध फैल रही है। दीपावली नजदीक है, लेकिन नगर परिषद की ओर से कोई विशेष सफाई अभियान नहीं चलाया गया।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों को पूरे 42 वाहनों का भुगतान किया जा रहा है, जबकि काम आधा भी नहीं हो रहा। कई वार्डों में कई दिनों से कचरा नहीं उठाया गया, जिससे मोहल्लों में मच्छर और मक्खियों की समस्या बढ़ गई है।
कांग्रेस पार्षदों ने मांग की कि ठेका कंपनी का पूरा रिकॉर्ड जांचा जाए और हर वाहन में जीपीएस सिस्टम लगाया जाए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो। शर्मा ने चेतावनी दी कि अगर सफाई व्यवस्था में सुधार और जांच नहीं हुई, तो पार्षद नगर परिषद गेट पर धरना और आंदोलन करेंगे।
