बांसवाड़ा के 35 गांवों में प्री-वेडिंग शूट और भव्य रस्मों पर रोक, नियम न माने तो जुर्माना
Share
हाड़खरा पटेल समाज ने लागू की सादगी और सामाजिक समानता की नई संहिता
उदयपुर, 10 अक्टूबर (विजन 360 न्यूज डेस्क): बांसवाड़ा जिले के हाड़खरा पटेल समाज ने बढ़ती महंगाई और अनावश्यक दिखावे की परंपराओं को रोकने के लिए एक बड़ा सामाजिक सुधार अभियान शुरू किया है। समाज ने शादी-ब्याह, प्री-वेडिंग शूट, हल्दी रस्म पर स्टेज प्रोग्राम, आतिशबाजी और शोक संस्कार जैसी रस्मों पर रोक लगाते हुए नई सामाजिक संहिता लागू की है। इस संहिता का पालन न करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
समाज अध्यक्ष भारत सिंह गोयल बोदला और प्रमुख हीरालाल सागडोद ने बताया कि यह निर्णय हाल ही में हुई आम सभा में लिया गया, जिसमें युवा और वरिष्ठ पीढ़ियों ने पारंपरिक संस्कारों को सादगी और समानता की दिशा में मोड़ने का संकल्प लिया। 22 सितंबर को आयोजित आम सभा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, और इन नियमों की जानकारी हर घर तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव एक जागरूकता टीम बनाई गई है।
बढ़ती महंगाई और फिजूलखर्ची को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया। समाज के बुजुर्गों और युवाओं का मानना है कि आजकल शादियों में दिखावे की होड़ बहुत बढ़ गई है, जिससे लोग अपनी सामर्थ्य से अधिक खर्च कर रहे हैं। लाखों रुपये सिर्फ प्री-वेडिंग शूट्स, डेस्टिनेशन वेडिंग्स, स्टेज प्रोग्राम और आतिशबाजी पर खर्च किए जा रहे हैं, जिससे कई परिवार कर्ज़ में डूब जाते हैं।
समाज के उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि सादगी और समानता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है। अभियान का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर तबके को राहत देना और सामाजिक समानता सुनिश्चित करना है। गांव-गांव पहुंच रही जागरूकता टीम पोस्टर और बैठकों के माध्यम से समाज को नियमों की जानकारी दे रही है और हर व्यक्ति से पालन की अपील कर रही है।
बांसवाड़ा जिले में हाड़खरा पटेल समाज की आबादी लगभग 12 हजार है, जो 35 से अधिक गांवों में निवासरत है। सागडोद गांव में पोस्टर विमोचन के साथ इस अभियान की शुरुआत की गई। अब प्रत्येक शादी और सामाजिक समारोह में केवल आवश्यक रस्में निभाने पर जोर दिया जाएगा। प्रसादी में सिर्फ लापसी या सूजी का हलवा बनाया जाएगा और अनावश्यक खर्च, आतिशबाजी एवं स्टेज प्रोग्राम पर रोक रहेगी।
