बिहार के बाद अब देशभर में होगा वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन (SIR):
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पहले फेज में बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी शामिल
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर: चुनाव आयोग (EC) ने बिहार में सफल प्रयोग के बाद अब पूरे देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन को फेजवाइज लागू करने का फैसला लिया है। पहले चरण में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में यह प्रक्रिया शुरू होगी। इन राज्यों में अगले साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं।
SIR क्या है:
इस प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाएगा और अवैध मतदाताओं, जैसे मृत, स्थानांतरित या विदेशी नागरिकों के नाम हटाए जाएंगे। साथ ही नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाएगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए दो तरीके तय किए हैं— पहला, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र करेंगे, और दूसरा, नागरिक ECI की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर स्वयं भर सकते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने बताया कि सभी राज्यों में SIR की तैयारियां शुरू हैं और जल्द राज्यों की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। बिहार में 25 जून से 26 जुलाई के बीच हुए वेरिफिकेशन में करीब 3 करोड़ मतदाताओं की जांच हुई थी।
स्क्रीनिंग के चार नियम
अगर नाम 2003 की लिस्ट में है तो किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं।
1 जुलाई 1987 से पहले जन्म वाले को जन्मतिथि या जन्मस्थान का प्रमाण देना होगा।
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म वालों को दोनों प्रमाण देने होंगे।
2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म वालों को जन्म प्रमाण के साथ माता-पिता के दस्तावेज भी देने होंगे।
बिहार में इस प्रक्रिया का विपक्ष ने विरोध किया था। 9 जुलाई को महागठबंधन ने ‘बिहार बंद’ का आह्वान करते हुए कई जगह ट्रेनें रोकीं और नेशनल हाईवे जाम किए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह गरीबों के वोट छीनने की कोशिश है। चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से मतदाता सूची पारदर्शी और अद्यतन होगी, जिससे आगामी चुनाव अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बनेंगे।
