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सात साल से अधूरा आंगनवाड़ी केंद्र, जर्जर स्कूल में पढ़ाई कर रहे मासूम

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सात साल से अधूरा आंगनवाड़ी केंद्र, जर्जर स्कूल में पढ़ाई कर रहे मासूम

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-भूधर पंचायत के पालाकुंडाल में 2016-17 में स्वीकृत भवन आज भी अधूरा
-दीवारें गवाह हैं सरकारी लापरवाही की

उदयपुर, 12 अक्टूबर : उदयपुर जिले की ऋषभदेव पंचायत समिति की भूधर पंचायत के राजस्व ग्राम पालाकुंडाल में विकास के नाम पर अधूरा सपना अब हकीकत बन चुका है। वर्ष 2016-17 में स्वीकृत आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था, लेकिन सात साल बाद भी भवन अधूरा पड़ा है। नतीजतन गांव के मासूम बच्चे आज भी ऐसे जर्जर स्कूल भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जिसे सरकार स्वयं “डेमेज”घोषित कर चुकी है। अभिभावक रोज बच्चों को डर के साए में भेजते हैं कि न जाने कौन सी दीवार कब ढह जाए।
ग्रामीण बताते हैं कि हर बार शिकायतों के बाद कुछ दिन मजदूरों की हलचल दिखती है, फिर काम ठप हो जाता है। इतना ही नहीं, कार्यकारी एजेंसी भूधर पंचायत द्वारा स्वीकृत 7 लाख रुपए में से करीब 2 लाख रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है, मगर काम का अता-पता नहीं। ग्रामीणों कहते हैं, पैसा भी गया, पर दीवारें अब तक अधूरी हैं।
स्थानीय पूर्व वार्ड पंच वैसाट लाल मीणा और पूर्व उप सरपंच राम लाल मीणा के अनुसार, कई बार पंचायत समिति, जिला प्रशासन और राज्य सरकार तक गुहार लगाई गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। उन्होंने बताया कि दो कमरों वाले सरकारी भवन में एक कमरा विद्यालय और दूसरा आंगनवाड़ी के रूप में उपयोग में लिया जा रहा है, अब दोनों ही खतरे में हैं। वार्ड पंच शांति लाल मीणा ने कहा कि अगली बार बच्चे शायद पेड़ के नीचे पढ़ाई करते दिखेंगे।
पंचायत समिति ऋषभदेव के बीडीओ पंकज आर्य ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर जांच जारी है और जल्द कार्य पूरा करवाया जाएगा। ग्राम विकास अधिकारी हरिश्चंद्र मीणा ने कहा कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है और शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि “जांच”शब्द पिछले सात साल से यहां सबसे सक्रिय है, बस कार्यकारी एजेंसी सक्रिय नहीं है। पूर्व जिम्मेदार अधिकारियों का तर्क है कि निर्माण स्थल ऊंचाई पर है और रास्ता खराब होने से कार्य अधूरा रह गया।

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