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लाखों रुपए लेकर शिक्षक सहायक और एरिया मैनेजर नियुक्त कर एनजीओ किया बंद

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लाखों रुपए लेकर शिक्षक सहायक और एरिया मैनेजर नियुक्त कर एनजीओ किया बंद

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बेरोजगार युवाओं को दिया झांसा, दानपुर थाने में प्रकरण दर्ज
बांसवाड़ा, 12 अक्टूबर (विजन 360 न्यूज):
जिले में एक स्वयंसेवी संस्था ने बेरोजगार युवाओं को झांसा देकर नियुक्ति के नाम पर पहले रुपए वसूले। इसके बाद विभिन्न गांवों में शिक्षक सहायक और एरिया मैनेजर नियुक्त किया। अब संस्था को बंद कर दिया और काम करने वालों को चार से पांच माह का मेहनताना तक नहीं मिला है। इसे लेकर शिकायत पर दानपुर थाना पुलिस ने दो महिलाओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार स्वामी विवेकानंद वेलफेयर एंड एजुकेशन संस्थान से जुड़ी केसर देवी और लता चौहान के खिलाफ मकनपुरा गांव के पवन रावत ने प्रकरण दर्ज कराया है। पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया गया कि बेरोजगार युवाओं को बच्चों को घर पर पढ़ाने की एवज में शिक्षक सहायक और एरिया मैनेजर नियुक्त करने का झांसा दिया गया। इसमें शिक्षक सहायक का मानदेय 4 हजार रुपए और एरिया मैनेजर का मानदेय 13 हजार रुपया तय किया। दानपुर क्षेत्र के करीब 200 बेरोजगार युवा इस झांसे में आ गए। इन बेरोजगार युवाओं से शिक्षक सहायक बनने के लिए 7 से 10 हजार और भोजन की आपूर्ति के लिए एरिया मैनेजर बनने के लिए करीब 25 हजार रुपए तक की वसूली की गई। इसमें दानपुर निवासी केसर पत्नी नारायणलाल और लता चौहान की भूमिका रही। रुपए देने के बाद सभी को नियुक्ति पत्र भी दिए गए।
गहने तक गिरवी रखे
आदिवासी इलाके में बेरोजगारी से तंग युवाओं को संस्थान ने झांसे में लिया। नियुक्ति और लंबे समय तक रोजगार पाने की आस में युवाओं ने अपने परिजनों के गहने तक गिरवी रखकर अग्रिम राशि दी। मकनपुरा ग्राम पंचायत के वाड़ा गांव की प्रियंका निनामा से सात हजार रुपए में शिक्षक सहायक बनाने को कहा। रुपए नहीं होने पर उसने चांदी का कड़ा गिरवी रख दिया। प्रियंका ने अपने परिवार की ही तीन अन्य लड़कियों के साथ चार अन्य को भी शिक्षक सहायक बनवाया। सभी से 7-7 हजार रुपए लिए गए। पांच माह से वे काम कर रहीं हैं, लेकिन उन्हें मेहनताने के रूप में एक भी रुपया नहीं मिला है। इसी तरह एरिया मैनेजर बनने के लिए खानपुरा गांव के पूजा कुमारी ने सोने के कान के झुमके गिरवी रखकर 25 हजार रुपए दिए।
फोटो की जीओ टैगिंग भी
संस्थान ने बच्चों को पढ़ाने के दौरान फोटो खींचकर उसकी जीओ टैगिंग भी करवाई। शिक्षक सहायक को रोजाना दो घंटे पढ़ाना था, जबकि एरिया मैनेजर को 20 जगह भोजन के लिए टिफिन सर्विस देनी थी। रिपोर्ट में बताया कि जिस संस्थान के नाम से नियुक्ति पत्र दिया था, वह संस्थान अब बंद कर दिया है। पुलिस ने रिपोर्ट पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

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