तालिबान विदेशमंत्री मुत्तकी की दिल्ली प्रेस कॉन्फ्रेंस — महिला पत्रकारों को पहली पंक्ति में बुलाया गया
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पिछली बार समय कम होने की वजह बताई
नई दिल्ली, 3 घंटे पहले : तालिबानी विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत के सात दिनों के दौरे पर हैं। रविवार को दिल्ली स्थित अफगान एंबेसी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को भी बुलाया गया और कई महिला पत्रकार पहली पंक्ति में बैठीं। पिछले शुक्रवार जिन प्रेस कार्यक्रमों में महिलाओं को नहीं बुलाया गया था, उस विवाद पर मुत्तकी ने कहा कि पिछली बार समय कम था और सूची संकुचित कर दी गई थी; इसमें कोई दूसरा इरादा नहीं था।
मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की पांच प्रमुख बातें
- महिलाओं की शिक्षा: मुत्तकी ने कहा कि अफगानिस्तान में करीब एक करोड़ विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिनमें 28 लाख महिलाएं एवं लड़कियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि धार्मिक मदरसों में भी ग्रेजुएशन लेवल तक शिक्षा होती है। कुछ क्षेत्रों में सीमाएं हैं, पर वे इसका अर्थ यह नहीं मानते कि वे पूरी तरह शिक्षा के खिलाफ हैं—बल्कि अभी अलग व्यवस्था लागू है।
- भारतीय दूतावास और कूटनीतिक संबंध: मुत्तकी ने भारत के विदेश मंत्री से चर्चा की; भारत ने काबुल में अपने मिशन को एम्बेसी में अपग्रेड करने का निर्णय लिया है और काबुल के डिप्लोमैट्स जल्द नई दिल्ली आएंगे।
- व्यापार, उड़ान और निवेश: दोनों देशों ने उड़ानों की संख्या बढ़ाने, व्यापार और निवेश पर चर्चा की। अफगानिस्तान ने खनिज, कृषि और खेल क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रण दिया और चाबहार व भूमि-मार्गों पर बात हुई; वाघा मार्ग खोलने का अनुरोध भी उठाया गया।
- भारतीय पत्रकार की मौत पर दुख: मुत्तकी ने 2021 में मारे गए भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी की मौत पर दुख जताया।
- पाकिस्तान संबंध: पाकिस्तान के बारे में उन्होंने कहा कि जनता से दुश्मनी नहीं है, पर कुछ समूह परेशानी पैदा करते हैं; सीमा पार आतंकवाद रोकने पर उन्होंने पाकिस्तान से कदम उठाने को कहा।
मानवाधिकार और महिलाओं की स्थिति पर पृष्ठभूमि
आकलन और रिपोर्टों के अनुसार 2021 के बाद तालिबानी शासन में अफगान महिलाओं व लड़कियों पर कई पाबंदियां लागू हुई हैं — उच्च कक्षाओं में पढ़ाई पर रोक, कई सार्वजनिक स्थान व संस्थाएं महिलाओं के लिए बंद रहना, तथा मीडिया व नौकरी में घटती भागीदारी। संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों ने इन प्रतिबंधों व उनकी मानवीय- सामाजिक दूरगामी प्रभावों की रिपोर्टें प्रकाशित की हैं।
