भारत में वैश्विक पर्यटन की अपार संभावनाएं: केंद्रीय मंत्री शेखावत
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उदयपुर में पर्यटन मंत्रियों की कॉन्फ्रेंस शुरू
उदयपुर, 14 अक्टूबर: केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें तलाश कर वैश्विक स्तर पर तराशने की जरूरत है। उदयपुर में मंगलवार से “वन स्टेट-वन ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय पर्यटन कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ हुआ। शेखावत ने बताया कि वर्ष 2024 में भारत में 2 करोड़ विदेशी पर्यटक आए, जबकि घरेलू पर्यटक भी तेजी से बढ़ रहे हैं। वर्तमान में भारत ग्लोबल टूरिज्म इंडेक्स में 39वें स्थान पर है। उनका लक्ष्य है पर्यटन का जीडीपी में योगदान 5-6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना।
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राज्य का हर किला और महल अपनी कहानी कहता है। राजस्थान की विरासत, रंग, इतिहास, कला और संस्कृति विश्व भर में अपनी पहचान रखते हैं। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने मेवाड़ की झीलों, पहाड़ों और समृद्ध इतिहास को पर्यटन की दृष्टि से विशेष बताया। पर्यटन मंत्रालय की सचिव वी. विद्यावती ने कहा कि भारत में ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनने के सभी तत्व मौजूद हैं, लेकिन कमियों की पहचान कर सुधार आवश्यक है।
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गुजरात और महाराष्ट्र सहित सभी राज्यों ने अपने पर्यटन विकास और संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए। राजस्थान ने उदयपुर, जैसलमेर और पुष्कर को “शौर्य, संस्कृति और आध्यात्म” के संगम के रूप में पेश किया। महाराणा प्रताप सर्किट, जैसलमेर डेजर्ट टूरिज्म और पुष्कर धार्मिक पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय विकास की रूपरेखा राज्य ने पेश की।
पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सुमन बिल्ला ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस भारत के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा और ऊर्जा देगी।
