शिक्षकों पर नया ऑनलाइन बोझ: 2025 बोर्ड परीक्षा के छात्रों का डेटा दर्ज करने का आदेश
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उदयपुर, 15 अक्टूबर: प्रदेशभर के शिक्षकों के लिए एक और नया प्रशासनिक काम जुड़ गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी कर शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे अपने स्कूलों में 2025 की बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों का विस्तृत डेटा ‘शाला दर्पण पोर्टल’ पर दर्ज करें। खासतौर पर उन छात्रों का डेटा, जिन्होंने मुख्य लिखित परीक्षा में 40 फीसदी से कम अंक प्राप्त किए हैं। विभाग का कहना है कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की वास्तविक प्रगति और शिक्षा स्तर का मूल्यांकन करना है।
शिक्षकों में इस आदेश को लेकर नाराजगी और चिंता दोनों देखी जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि पहले से ही गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव बहुत अधिक है। ओबीसी सर्वे, बीएलओ ड्यूटी, डिजिटलीकरण, पौधरोपण, जियो टैगिंग, छात्रवृत्ति, खेलकूद प्रतियोगिताएं और स्वच्छता अभियान जैसे कई कार्यों में शिक्षक व्यस्त हैं। अब इस नए ऑनलाइन आदेश से उनका वास्तविक शिक्षण समय प्रभावित होगा।
कक्षा 10 और 12 के छात्रों के सत्रांक पर भी ध्यान देना जरूरी है। अधिकांश मामलों में सत्रांक अर्धवार्षिक और नियमित परीक्षा के आधार पर तय किए जाते हैं और छात्र अच्छे परिणाम दिखाते हैं। विभाग का कहना है कि मुख्य परीक्षा में 40 फीसदी से कम अंक पाने वाले छात्रों का अलग डेटा दर्ज करने का उद्देश्य वास्तविक शैक्षणिक स्थिति का पता लगाना है।
राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने उक्त आदेश का विरोध करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग कुछ भी ऑनलाईन काम की जिम्मेदारी देने से पहले अतिरिक्त काम के बोझ तले दबे शिक्षकों को आवश्यक संसाधन तो उपलब्ध कराए। शिक्षकों के पास न तो डेटा मोबाइल है न ही लेबटॉप है। बिना संसाधन शिक्षक कैसे विभाग की अपेक्षाओं पर खरा उतर सकेगा।
