रॉयल राजविलास के फ्लैट मालिकों को राहत, ईडी ने लौटाए 354 फ्लैट और 175 करोड़ रुपये की संपत्तियां
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उदयपुर, 15 अक्टूबर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उदयपुर की शोभागपुरा स्थित लंबित परियोजना रॉयल राजविलास के खरीदारों को 354 फ्लैट, 17 व्यावसायिक इकाइयाँ और दो भूखंड समेत कुल 175 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां वापस की हैं। इस कदम की सुप्रीम कोर्ट ने भी सराहना की। इस प्रतिपूर्ति से 213 घर खरीदारों को लाभ होगा और परियोजना के पूरा होने का रास्ता साफ़ हो गया।
यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में उलझी कंपनी उदयपुर एंटरटेनमेंट वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड (यूईडब्ल्यूपीएल) की दिवालिया कार्यवाही और एजेंसी एवं कंपनी के बीच सौहार्दपूर्ण समझौते के बाद हुई। मामला 2022 में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा घर खरीदारों और ऋणदाताओं के पक्ष में निपटाया गया था।
ईडी ने जांच के दौरान पाया कि 2011 से 2016 तक आरोपियों ने जाली चेक, फर्जी बीमा पॉलिसियों और अंतर्देशीय बिल के जरिए लगभग 1,267.79 करोड़ रुपये का बैंकिंग नुकसान पहुँचाया। एजेंसी ने तीन एफआईआर दर्ज कर चार्टर्ड अकाउंटेंट भरत बंब और अन्य के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। इसके बाद कुल 535 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया गया।
घर खरीदारों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दोनों पक्षों को आमसहमति पर आने का निर्देश मिला। ईडी ने जांच उपरांत अपराध से संबंधित कुछ फ्लैट छोड़कर बाकी कुर्क संपत्तियों की वापसी कोर्ट में अनापत्ति प्रस्तुत की। इसके तहत 354 फ्लैट, 17 व्यावसायिक इकाइयाँ और दो भूखंड खरीदारों को लौटाए गए।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, “हम वास्तविक और निर्दोष घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए कुर्क की गई संपत्तियों को वापस करने के प्रयासों की सराहना करते हैं।”
