राजस्थान में अपराधियों का सबसे बड़ा जाल उदयपुर रेंज में
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1578 हिस्ट्रीशीटर दर्ज, जोधपुर से तीन गुना और जयपुर-अजमेर से डेढ़ गुना अधिक
उदयपुर, 23 अक्टूबर: राजस्थान में अपराधियों का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, लेकिन सबसे चिंताजनक स्थिति उदयपुर रेंज की है, जो पूरे प्रदेश में अपराधियों की संख्या के मामले में पहले स्थान पर पहुंच गई है। प्रदेशभर में अब तक 11,000 से अधिक सक्रिय हिस्ट्रीशीटर (आदतन अपराधी) दर्ज हैं, जिनमें से उदयपुर रेंज में अकेले 1,578 हिस्ट्रीशीटर हैं। यह आंकड़ा जोधपुर रेंज से तीन गुना, जबकि जयपुर और अजमेर रेंज से डेढ़ गुना अधिक है।
विशेषज्ञों के अनुसार सीमावर्ती जिलों से लेकर जनजातीय क्षेत्रों तक बढ़ते अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी ने इस रेंज को राज्य का सबसे संवेदनशील इलाका बना दिया है। उदयपुर रेंज के बाद अजमेर रेंज दूसरे स्थान पर है, जबकि कोटा रेंज तीसरे पर आती है। वहीं, जयपुर कमिश्नरेट में 904 और जोधपुर कमिश्नरेट में 493 हिस्ट्रीशीटर दर्ज हैं।
उदयपुर रेंज के भीतर उदयपुर जिला सबसे अधिक अपराधियों वाला इलाका बन गया है, जहां 668 हिस्ट्रीशीटर दर्ज हैं। जो किसी भी जिले का राज्य में सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके बाद चित्तौड़गढ़ में 422, राजसमंद में 206, प्रतापगढ़ में 199, डूंगरपुर में 196 और बांसवाड़ा में 167 हिस्ट्रीशीटर हैं। वहीं, सलूम्बर जिले में 79 हिस्ट्रीशीटर हैं।
राज्यभर में दर्ज हिस्ट्रीशीटरों की स्थिति इस प्रकार है —
जयपुर कमिश्नरेट: 904, जोधपुर कमिश्नरेट: 493, उदयपुर रेंज: 1,578, अजमेर रेंज: 947, कोटा रेंज: 696, भरतपुर रेंज: 451 और बीकानेर रेंज: 260।
आंकड़े ज्यादा इसलिए क्योंकि पुलिस खोल रही कच्चे चिट्ठे
उदयपुर जिले के आंकड़ों को लेकर उदयपुर के पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल का कहना है कि इसे सकारात्मक नजरिए से देखा जाना चाहिए कि उदयपुर पुलिस कितनी मुस्तैद है। छिपे हुए अपराधियों को ढूंढ-ढूंढकर उनके कच्चे चिट्ठे खोले जा रहे हैं। उन पर कार्रवाई कर उन्हें उनकी सही जगह तक पहुंचाया जा रहा है। एसपी ने कहा कि पुलिस आगे भी इसी मुस्तैदी से काम करेगी और अपराध के इस आंकड़े को नियन्त्रित करेगी।
