नाबालिग से रेप-अपहरण के दोषी को 20 साल की कड़ी कैद
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पीड़िता को पांच लाख की राशि प्रतिकर के रूप में मिलेगी
उदयपुर, 29 अक्टूबर: पॉक्सो मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और अपहरण के गंभीर मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले से जुड़े आरोपी सलूम्बर निवासी चेतन कुमार (21) को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कड़े कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर ₹1.45 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक पूनम चंद मीणा ने बताया कि घटना 25 दिसंबर 2024 की है। तब 16 साल की एक छात्रा को स्कूल मास्टर बनकर किसी ने फोन किया। जब वह स्कूल जा रही थी, तो खरबर नई पुलिया के पास चेतन कुमार और उसके साथी ने उसे रोक लिया। जान से मारने की धमकी देकर उसे जबरदस्ती बाइक पर बिठाकर उदयपुर ले गए।
आरोपी चेतन ने लड़की को एक कमरे में 19 दिनों तक बंधक बनाकर रखा और इस दौरान उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। लड़की किसी तरह 13 जनवरी 2025 को आरोपी के बाथरूम में नहाने के दौरान मौका पाकर भाग निकली और अपने घर पहुंची। इसके बाद लड़की के पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
अदालत ने लड़की के स्कूल रिकॉर्ड को देखा और पाया कि घटना के समय उसकी उम्र 17 साल से कम थी, इसलिए वह पॉक्सो कानून के तहत ‘नाबालिग’ है। कानून के मुताबिक, नाबालिग की सहमति कोई मायने नहीं रखती। आरोपी चेतन कुमार को अपहरण, बंधक बनाने और गंभीर यौन हमला जैसे अपराधों के तहत दोषी ठहराया गया। इसके अलावा, अदालत ने राज्य सरकार को यह आदेश दिया है कि पीड़िता को ₹5,00,000/- (पांच लाख रुपये) का मुआवजा (प्रतिकर राशि) दिया जाए।
