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बांसवाड़ा में ‘खून का बदला खून’ का विवाद फिर भड़का

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बांसवाड़ा में ‘खून का बदला खून’ का विवाद फिर भड़का

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खूनी संघर्ष के बाद 250 आदिवासी बेघर, बोले–भूखे मरने की नौबत
बांसवाड़ा, 29 अक्टूबर (विजन 360 न्यूज डेस्क):
बांसवाड़ा जिले के आंबापुरा तहसील के अनपुरा गांव में पिछले साल धनतेरस पर हुए खूनी संघर्ष के बाद अब मामला फिर तूल पकड़ रहा है। इस विवाद में मारे गए युवक के परिजनों की धमकियों से आरोपी पक्ष के करीब 250 आदिवासी लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें “खून का बदला खून” की धमकी दी जा रही है।
नवंबर 2024 में हुए इस संघर्ष में रितेश पुत्र छगन की मौत हुई थी। इस मामले में आठ लोगों को जेल भेजा गया था, जिनमें से पांच अब जमानत पर बाहर आ चुके हैं जबकि तीन अभी भी जेल में हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
पीड़ित परिवारों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर 58 लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि ये लोग आए दिन मारपीट, धमकी और घरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं, जिससे वे रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
जेल से छूटे पप्पू, प्रकाश, रमेश, राजू, अनिल सहित कई पीड़ितों ने बताया कि उनके घरों, खेतों और मवेशियों पर कब्जा कर लिया गया है। विरोध करने पर एक करोड़ रुपये की मांग की जा रही है और गांव में दिखने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है।
आदिवासी किसान परिवारों ने बताया कि खेती ही उनका एकमात्र सहारा था, लेकिन गांव से बेदखल किए जाने से उनके सामने भूखे मरने की स्थिति बन गई है। बच्चों की पढ़ाई और जीवन-यापन पर भी गंभीर असर पड़ा है।
पीड़ितों ने मांग की है कि प्रशासन उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान करे, कब्जाया गया सामान वापस दिलवाए और गांव में सुरक्षित रूप से बसने की व्यवस्था करे। आंबापुरा थानाधिकारी जीवतराम ने बताया कि मामला जांच में है और दोनों पक्षों को पाबंद किया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।

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