राजस्थान में स्लीपर बस हड़ताल का उदयपुर में असर नहीं
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गुजरात, एमपी और महाराष्ट्र के लिए नियमित चल रहीं बसें; जोधपुर-बीकानेर से आवक घटी
आॅनलाइन व्यवस्था में रुकावट से यात्रियों की दौड़ बनी रही
उदयपुर, 31 अक्टूबर: जैसलमेर और जयपुर के बस अग्निकांड के बाद परिवहन विभाग की सख्त कार्रवाई के विरोध में प्रदेशभर में चल रही निजी स्लीपर बस संचालकों की हड़ताल का असर उदयपुर में नहीं दिखा। शहर से मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के अन्य शहरों के लिए बसें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
उदयपुर से रोजाना करीब 325 से अधिक स्लीपर बसें रवाना होती हैं। हालांकि हड़ताल के चलते बीकानेर और जोधपुर से बसों की आवक में कमी आई है। कुछ मार्गों पर बसों की संख्या कम होने से किराए में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि भी दर्ज की गई है।
बस हादसों के बाद परिवहन विभाग ने नियम उल्लंघन पर कई बसों के चालान काटे और कुछ को सीज किया, जिससे ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ऑनर एसोसिएशन नाराज है। जयपुर, उदयपुर और भीलवाड़ा को छोड़कर बाकी जिलों में स्लीपर बसें ठप हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है।
उदयपुर बस एसोसिएशन अध्यक्ष पारस सिंघवी ने बताया कि शहर की किसी भी कंपनी ने हड़ताल का समर्थन नहीं दिया है। उन्होंने परिवहन विभाग से आग्रह किया है कि चेकिंग के दौरान जानबूझकर कमियां न निकाली जाएं और सुधार के लिए कम से कम तीन महीने का समय दिया जाए। सिंघवी ने कहा—“यदि 2 नवंबर तक सरकार से वार्ता नहीं होती है, तो उदयपुर में भी हड़ताल पर विचार किया जाएगा।”
