8 साल की मन्नतों के बाद पैदा हुए मासूम बेटे की हत्या, मां गिरफ्तार
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चित्तौड़गढ़, 6 नवम्बर: चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोड़ा थाना क्षेत्र के मोखमपुरा गांव में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां एक मां ने कथित तौर पर गुस्से में आकर अपने 2 साल के बेटे की हत्या कर दी। आरोपी मां, रुक्मणि (28) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
28 वर्षीय रुक्मणि ने अपने 2 साल के बेटे आयुष की पहले रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी, और फिर उसके शव को कमरे में कपड़े लटकाने वाले हैंगर पर टांग दिया। आयुष का जन्म रुक्मणि को 8 साल की लंबी मन्नतों और प्रार्थनाओं के बाद हुआ था, जिससे यह घटना और भी दर्दनाक हो गई है।
हत्या के बाद खुदकुशी की कोशिश
बेटे की हत्या करने के बाद, रुक्मणि ने स्वयं भी आत्महत्या का प्रयास किया।
पहला प्रयास: उसने कमरे में एक फंदा बनाया, लेकिन FSL जांच के अनुसार, उसका पैर जमीन को छूने के कारण वह खुद को लटका नहीं पाई।
दूसरा प्रयास: इसके बाद वह घर से निकलकर गांव के कुएं के पास पहुंची। वहां मौजूद ग्रामीण महिलाओं से उसने कुएं में पानी की गहराई पूछी और अचानक कुएं में छलांग लगा दी।
पड़ोसी ने बचाई जान
महिलाओं के शोर मचाने पर, पड़ोस में मौजूद किसान ओंकार लाल जाट ने तुरंत कुएं में छलांग लगा दी। उन्होंने रुक्मणि को रस्सी से बांधा और लोगों की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।
पुलिस पूछताछ और FSL जांच
भादसोड़ा SHO महेंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ में रुक्मणि ने बार-बार यही कहा, “मुझे गुस्सा आ गया और मैंने मार दिया।” इसके बाद वह रोने लगती है और कुछ भी कहने से इनकार कर रही है।
गुरुवार को भीलवाड़ा FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। रुक्मणि और मदनलाल का बाल-विवाह हुआ था और पड़ोसियों के अनुसार, आयुष के होने के बाद वे बहुत खुश थे। आयुष के जेठ ने रुक्मणि के स्वभाव को गुस्से वाला और जिद्दी बताया है। घटना के समय बच्चे के पिता मदनलाल जाट शोक समारोह में गांव से बाहर गए हुए थे। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
