राजसमंद की टेराकोटा कला अमेरिका में करेगी भारत का प्रतिनिधित्व
Share
तीन पीढ़ियों से मोलेला परिवार दे रहा अंतरराष्ट्रीय पहचान
राजसमंद, 9 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क): राजसमंद जिले के मोलेला गांव के युवा टेराकोटा कलाकार उमेश कुम्हार भारत की पारंपरिक मृत्तिका कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने अमेरिका के शिकागो रवाना हुए हैं। उन्हें एक अमेरिकी आर्ट ऑर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित विशेष टेराकोटा वर्कशॉप में आमंत्रित किया गया है, जहां वे भारतीय संस्कृति और टेराकोटा कला की सुंदरता को प्रदर्शित करेंगे।
मोलेला का यह परिवार तीन पीढ़ियों से टेराकोटा कला को संजोए हुए है। उमेश के दादा पद्मश्री मोहनलाल कुम्हार ने 1986 में अमेरिका से अपने अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनों की शुरुआत की थी और अब तक सात देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनके बाद उमेश के पिता दिनेश चंद्र कुम्हार ने अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी में अपनी कला का प्रदर्शन किया।
अब तीसरी पीढ़ी के रूप में उमेश इस पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह कला अपने माता-पिता दोनों से सीखी है और कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कार्यशालाओं में हिस्सा लेकर मोलेला की पहचान को नई ऊंचाई दी है।
यह उपलब्धि न केवल मोलेला बल्कि पूरे राजसमंद जिले के लिए गौरव का विषय है, जो भारत की लोककला को वैश्विक पहचान दिला रही है।
