यूडीए फिर लाएगा 2013 वाली स्थिति
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आयुक्त राहुल जैन बोले, बलीचा कार्रवाई में किसी को नहीं किया बेघर, रहवासियों के कब्जों को छूआ तक नहीं
असली अवैध कब्जाधारियों की पहचान कर उनके खिलाफ की जाएगी कानूनी कार्रवाई, लापरवाह कार्मिक भी नहीं बख्शे जाएंगे
उदयपुर, 10 नवम्बर: राजस्व ग्राम सविना के बलीचा स्थित बड़ीगढ़ में 110 करोड़ रुपये कीमत की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद उपजे विवाद के बीच उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) के आयुक्त राहुल जैन ने स्पष्ट किया कि विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए मौके पर काबिज अतिक्रमियों को हटाकर वर्ष 2013 की स्थिति लौटाई जाएगी। उन्होंने कहा कि असली अवैध कब्जाधारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लापरवाह राजकीय कर्मचारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा।
आयुक्त जैन ने बताया कि अतिक्रमियों द्वारा दावा किया जा रहा कि 1947 या 35 सालों से कब्जा है, भ्रामक और झूठा है। 2013 के गूगल मैप के अनुसार तब कोई काबिज नहीं था और भूमि यूडीए के नाम सरकारी थी। 2015 तक वहां कोई कब्जा नहीं था, 2018-19 में कुछ बाउंड्रीवाल बनी, और 2022 तक अवैध कब्जे बढ़े। 2025 में यूडीए की बाउंड्रीवॉल के भीतर भूखंड प्लानिंग करके बेचे गए।
कार्रवाई के दौरान 72 कब्जों को हटाया गया, जिनमें कोई रहवासी मौजूद नहीं था। मौके पर रहने वाले परिवारों से स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मांगे गए, ताकि ठगी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। प्रारंभिक जांच में भाजपा के ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, पूर्व प्रधान तख्तसिंह शक्तावत, सोहनलाल मेघवाल, सोहनलाल पुत्र लक्ष्मण मीणा, ईश्वर गमेती आदि के नाम आ रहे हैं।
आयुक्त जैन ने बताया कि अतिक्रमियों में पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारी भी शामिल हैं, जो सस्ते के लालच में फंसे। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर के लिए दस्तावेज पुलिस को भेजे जा रहे हैं।


उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी कार्रवाई 2022-23 से हुए अवैध कब्जों पर हुई है, पर इससे पहले वाले कब्जों पर भी विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। नेला और आसपास क्षेत्र में चिकित्सालय निर्माण जैसी योजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध है। यूडीए सचिव हेमेंद्र नागर भी प्रेसवार्ता में मौजूद रहे।
अस्पताल के लिए भूमि देख रहे थे और पकड़ में आया अतिक्रमण
यूडीए आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि नेला और आसपास क्षेत्र की आबादी के लिए चिकित्सा सुविधा की कमी को लेकर अस्पताल के लिए जमीन देखी जा रही थी। इसके लिए क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाई तो पता चला कि जो भूमि यूडीए की खाते में थी, वहां अवैध कब्जे हो गए। प्रेसवार्ता में यूडीए सचिव हेमेंद्र नागर भी उपस्थित रहे।
आयुक्त ने की अपील
प्राधिकरण आयुक्त जैन ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी भूखंड को खरीदते समय स्वामित्व से संबंधित सभी विधिक दस्तावेजों की जांच अवश्य करें और भूखंड केवल पंजीकृत दस्तावेजों के माध्यम से ही खरीदें, ताकि धोखाधड़ी एवं वित्तीय नुकसान से बचा जा सके।
