प्रतापगढ़ में कलेक्टर-जनप्रतिनिधि आमने-सामने: विकास के नाम पर राजकीय कोष के दुरुपयोग का मामला तूल पर
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भ्रष्टाचार पर कार्रवाई से खफा सभापति, सोशल मीडिया पर वार-पलटवार से बढ़ी सियासी सरगर्मी
प्रतापगढ़, 10 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क): प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर अंजली राजोरिया और नगर परिषद सभापति के पति एवं जनप्रतिनिधि प्रहलाद गुर्जर के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। रविवार को प्रहलाद गुर्जर ने फेसबुक पर कलेक्टर के खिलाफ पोस्ट डालते हुए प्रशासन पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, जो कुछ ही देर में वायरल हो गई। इससे पहले भी कलेक्टर के खिलाफ की गई पोस्ट डिलीट कराई गई थी।
इस विवाद की जड़ नगर परिषद प्रतापगढ़ द्वारा विकास कार्यों के नाम पर किए गए खर्च हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस नोट में खुलासा हुआ है कि परिषद ने शहर के नाला क्षेत्र की भूमि पर अवैध रूप से भूखंड आवंटन किए और लगभग पांच करोड़ रुपये की निविदाएं बिना नियमों के जारी कीं। जांच में यह भी सामने आया कि 69 (A) के तहत अवैधानिक पट्टे जारी किए गए थे, जिन पर राज्यपाल कार्यालय के निर्देश पर कार्रवाई की जा चुकी है।
कलेक्टर ने कहा कि नगर परिषद द्वारा शहर के बीचों-बीच स्थित नाला क्षेत्र की भूमि पर बिना सीमांकन और सक्षम स्वीकृति के निर्माण कार्य किए गए हैं, जो सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय और एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन है। साथ ही, नगर परिषद ने राजकीय राशि का उपयोग व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार के लिए किया, जिसमें सभापति रामकन्या गुर्जर और उनके पति प्रहलाद गुर्जर के फोटो व नाम से होर्डिंग्स और स्मारक बनवाए गए।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसे कार्यों से जनहित प्रभावित हो रहा है और इसमें शामिल व्यक्तियों पर ठोस कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अवैधानिक निर्माणों के खिलाफ राज्य और जनहित में कार्रवाई जारी रहेगी।
इधर, प्रहलाद गुर्जर ने सोशल मीडिया पर पलटवार करते हुए कहा कि कलेक्टर द्वारा फर्जी पट्टे रद्द करने की कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है। मामला अब न्यायालय में पहुंच गया है, जहां हाईकोर्ट ने भूमि को यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
