भाजपा पदाधिकारियों, सेवानिवृत्त–सेवारत सरकारी कर्मचारियों सहित 102 लोगों पर कार्रवाई की तैयारी
Share
यूडीए की 110 करोड़ की जमीन पर अवैध कब्ज़े का मामला
उदयपुर, 15 नवम्बर: शहर से सटे बड़ीगढ़ सवीना खेड़ा स्थित 110 करोड़ रुपए कीमत वाली 110 बीघा जमीन पर भू-माफियाओं, राजनीतिक पदाधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों द्वारा अवैध कब्ज़े को लेकर यूडीए पुलिस कार्रवाई की तैयारी में है।
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई में खुलासा हुआ है कि इस जमीन पर 2011 से 2019 के बीच फर्जी इकरारनामों और कागजातों के आधार पर कब्ज़े किए गए और कई भूखंड ऊंचे दामों पर बेचे भी गए। यह जमीन वर्ष 2020 तक खाली पड़ी थी और राजस्व रिकॉर्ड में यूडीए के नाम दर्ज है।
भाजपा से जुड़े नेताओं के नाम आए सामने
अभी तक की गई जांच में तीन प्रमुख नाम उभरकर आए हैं। जिसमें भाजपा जिला उपाध्यक्ष तख्तसिंह के बेटे देवेन्द्र सिंह, अमृत मेनारिया और सवीना सरपंच ईश्वर गमेती के नाम सामने आए हैं। इनके मामले में यूडीए को ऐसे दस्तावेज भी मिल चुके हैं, जो जाहिर करते हैं कि उन्होंने फर्जी इकरारनामे का सहारा लेकर यूडीए की भूमि पर कब्जा किया। साथ ही चालीस से अधिक भूखंडों के अवैध बेचान का पता चला है। हालांकि अभी तक उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और उसके परिजनों का नाम सामने नहीं आया है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कब्ज़ाधारियों में कई सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। इनमें एक सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक, एक शिक्षक, तीन सेवानिवृत्त शिक्षक, एक सेवारत शिक्षक और कुल छह सरकारी कर्मचारी इस अवैध कब्ज़ा करने वाले समूह का हिस्सा पाए गए। कुल 102 लोगों द्वारा कब्ज़ा करने के मामले सामने आए हैं। इस मामले में यूडीए आयुक्त राहुल जैन का कहना है कि यूडीए की इस जमीन पर 2013 से पहले किसी तरह का कब्जा नहीं था। हम कब्जाधारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने जा रहे हैं।
गौरतलब है कि यूडीए ने 6 नवम्बर को बड़ीगढ़ सवीना क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 52 पक्के निर्माण ढहाए थे।
