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मानगढ़ धाम में आदिवासी वीरों को नमन: शहादत दिवस पर धूनी में नारियल होम, स्मारक पर पुष्पांजलि

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मानगढ़ धाम में आदिवासी वीरों को नमन: शहादत दिवस पर धूनी में नारियल होम, स्मारक पर पुष्पांजलि

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1913 के मानगढ़ नरसंहार को बताया आजादी की लड़ाई का महत्वपूर्ण अध्याय, बड़ी संख्या में समाजजन हुए शामिल
बांसवाड़ा, 17 नवम्बर(विजन 360 न्यूज डेस्क):
मानगढ़ धाम में सोमवार को शहादत दिवस कार्यक्रम गहन श्रद्धा और आदिवासी परंपराओं के अनुरूप आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत धूनी पर नारियल होम करने से हुई, जिसके माध्यम से वीर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। यह अनुष्ठान आदिवासी संस्कृति में बलिदान और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।
इसके बाद गुरु गोविंद गुरु की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। गुरु गोविंद गुरु ने जनजातीय समाज को संगठित कर ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग प्रशस्त किया था। इसी क्रम में कार्यक्रम स्थल पर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर 17 नवंबर 1913 के मानगढ़ नरसंहार में बलिदान देने वाले आदिवासी वीरों को याद किया गया।
शहादत दिवस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य रूप से पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया, जिला प्रमुख रेशम मालवीया, प्रधान हरिशंकर देवतरा, खेमराज गरासिया, रविंद्र पारगी सहित कई सरपंच और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने 1913 के मानगढ़ नरसंहार को देश की आजादी की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए कहा कि इस बलिदान को इतिहास में वह स्थान मिलना चाहिए, जिसका वह हकदार है। सभी उपस्थित लोगों ने शहीदों के आदर्शों और उनके संघर्ष की प्रेरणा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

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