बांसवाड़ा में आवारा कुत्तों का आतंक
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6 माह में 1400 लोग शिकार
बांसवाड़ा, 18 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क): जिले में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोग दहशत में हैं। चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, पिछले 6 महीनों में जिले भर में करीब 1400 लोग डॉग बाइट का शिकार हुए हैं, जिनके मामले जिला अस्पताल में दर्ज किए गए हैं।
औसतन हर महीने 150 से 200 लोग इन कुत्तों का शिकार बन रहे हैं, यानी प्रतिदिन 6 से 7 डॉग बाइट के केस सामने आ रहे हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं। आंकड़ों में अक्टूबर माह में सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।
कलेक्टर के आदेश पर नहीं हुआ अमल
सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों और जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव के जुलाई माह में दिए गए आदेश के बावजूद, नगर परिषद और पंचायतों ने इन पर काबू पाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। कलेक्टर ने ब्रीडिंग सीजन से पहले ही कुत्तों की नसबंदी (शल्यक्रिया) और उन्हें पकड़ने के लिए उपकरण खरीदने के निर्देश दिए थे।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि कलेक्टर के आदेश पर समय पर अमल हुआ होता, तो लगभग 1400 डॉग बाइट के शिकार मरीजों को इस परेशानी से बचाया जा सकता था। कलेक्टर डॉ. यादव ने अब फिर से प्रभावी कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है।
शहर से अस्पताल तक खतरा
शहर की गलियों, बाजारों, स्कूल परिसरों और यहां तक कि जिला अस्पताल के कॉरिडोर में भी आवारा कुत्ते खुलेआम घूमते दिखते हैं। स्थानीय बाहुबली कॉलोनी निवासी मणिशंकर जोशी जैसे बुजुर्गों पर भी हमला हुआ है। मणिशंकर ने बताया कि कुत्ते के अचानक हमले से वह जमीन पर गिर गए और बड़ी मुश्किल से जान बची। उन्होंने नगर परिषद की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई।
अधिकारी दे रहे आश्वासन, खतरा बढ़ा
स्थानीय लोगों की बार-बार शिकायतों के बावजूद, नगर परिषद आयुक्त दुर्गेश रावल ने बताया है कि कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी व वैक्सीनेशन का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रियाधीन है।
पीएमओ दिनेश माहेश्वरी ने पुष्टि की है कि पिछले 6 माह में करीब 1400 लोगों का एंटी रेबीज वैक्सीनेशन किया गया है। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शेखर ने बताया कि जिले में अनुमानित 900 से ज्यादा स्ट्रीट डॉग हैं और वे नसबंदी के लिए तैयार हैं, बस नगर परिषद को डॉग उपलब्ध कराने होंगे।
