खेमली पंचायत समिति खत्म करने पर ग्रामीण आक्रोशित, बाजार बंद
Share
घासा को पंचायत समिति बनाए जाने के विरोध में सड़क जाम, प्रशासन को चेतावनी
उदयपुर, 25 नवम्बर: पंचायती राज विभाग की नई अधिसूचना के बाद खेमली के लोग भड़के। अधिसूचना के अनुसार खेमली का पंचायत समिति का दर्जा समाप्त कर घासा को नया पंचायत समिति बनाया गया। इस फैसले के विरोध में मंगलवार को स्थानीय लोगों ने खेमली कस्बे का बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सांसद सी.पी. जोशी के पुतले के साथ नारेबाजी कर उन्हें भी जिम्मेदार ठहराया।
अधिसूचना और ग्राम पंचायतों का विवरण
नई अधिसूचना में घासा पंचायत समिति के तहत 26 ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं, जिनमें नुरड़ा, पलाना खुर्द, विरधोलिया, घासा, डबोक, तुलसीदास की सराय, मेड़ता, नांदवेल, धुणीमाता, खेमली, गुड़ली, नामरी, धोलीमगरी, पलानाकलां, महुड़ा, सिंदू, मांगथला, रख्यावल, सांगवा, विजनवास, नउवा, चंदेसरा, रठाना, मंडी की मगरी, मोतीखेड़ा और गांदोली गंदोली शामिल हैं।
ग्रामीणों की आपत्ति और प्रदर्शन
ग्रामीणों का कहना है कि नवम्बर 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खेमली को पंचायत समिति बनाने की घोषणा की थी। अब भाजपा सरकार ने इसे साधारण पंचायत समिति बना कर घासा के अधीन कर दिया है, जिससे रोष फैल गया। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर टायर जलाए गए और मार्ग बंद कर दिया गया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। डबोक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश दी। ग्रामीणों ने सरकार से खेमली पंचायत समिति को पुनः बहाल करने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर मांग पूरी नहीं हुई, तो वे लंबे आंदोलन के लिए तैयार हैं।
