जूडो में पंजाब के अनुराग सागर ने जीता पहला गोल्ड
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इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का लेकसिटी में धमाकेदार आगाज
उदयपुर, 25 नवंबर : कॉलेज छात्रों में खेल प्रतिभा को निखारने के लिए आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का लेकसिटी में मंगलवार को अटल बिहारी वाजपेयी इंडोर स्टेडियम में भव्य आगाज हुआ। उद्घाटन समारोह में ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और सुविवि कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के खिलाड़ियों का परिचय लिया।
पहले दिन जूडो की प्रतिस्पर्धाओं में पंजाब के डीएवी यूनिवर्सिटी के अनुराग सागर ने पुरुष 60 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर दमखम दिखाया। इसी वर्ग में एसआरटीएम के ओम समीर हिंग्मिरे को सिल्वर और एमएसयूएस के राहुल वर्मा व आरटीएमएन के योगेश उमेश शहाणे को ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त हुए। पुरुष 66 किग्रा वर्ग में हरियाणा की चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी के विनय कुमार ने गोल्ड मेडल जीता।
महिला वर्ग का पहला गोल्ड भी पंजाब की जाह्नवी के नाम, उदयपुर की गंगा ने जीता सिल्वर
महिला वर्ग में 48 किग्रा भार वर्ग में गंगा थापा (सुखाड़िया विश्वविद्यालय) ने सिल्वर मेडल जीतकर उज्जवल प्रदर्शन किया, जबकि गोल्ड मेडल जाह्नवी यादव (गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर) के नाम रहा। 52 किग्रा वर्ग में पंजाब यूनिवर्सिटी की महक सिंह ने गोल्ड मेडल जीता। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निदेशक अमित सिंह, राजस्थान जूडो संघ के सचिव महिपाल ग्रेवाल और अन्य गणमान्य अतिथियों ने विजेताओं को पदक प्रदान किए। कुल मिलाकर पहले दिन के मुकाबलों में 51 विश्वविद्यालयों के 112 खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा में अपनी क्षमता दिखाई।
गंगा के हौसले ने दिलाया सिल्वर
महाराणा भूपाल ग्राउंड स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इंडोर स्टेडियम में मंगलवार से खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2025 के जूडो मुकाबले शुरू हुए। जिसमें उदयपुर की इकलौती महिला जूडो खिलाड़ी गंगा थापा 48 किलो भार वर्ग में पूरे जोश के साथ रिंग उतरी।
गंगा की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। पिछले साल यूनिवर्सिटी वेस्ट जोन सिलेक्शन से ठीक दो दिन पहले प्रैक्टिस के दौरान उनकी कोहनी की हड्डी टूट गई थी। छह महीने के बेड रेस्ट और प्लास्टर के बाद डॉक्टरों ने कहा था कि अब शायद जूडो नहीं खेल पाएंगी। कोच सुशील सेन के हौसले और लगातार मोटिवेशन से गंगा ने वापसी की, यूनिवर्सिटी वेस्ट जोन खेला और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी तक का सफर तय किया। यह पहली बार नहीं जब गंगा चोट के बाद कमबैक किया। स्कूल टाइम में भी स्टेट लेवल ब्रॉन्ज जीतते समय उनका पैर फ्रैक्चर हुआ था, लेकिन हर बार और मजबूत होकर लौटीं। मूल रूप से नेपाल की रहने वाली गंगा के पिता उदयपुर में जलदाय विभाग में कार्यरत हैं। तीन बहनों में बड़ी बहन कुश्ती में स्टेट लेवल खेल चुकी हैं। गंगा थापा ने बताया कि कोच सुशील सेन के सज्जन नगर सेंटर में कई महीने से प्रैक्टिस की और उसी का परिणाम है कि वह मैडल जीत पाई। हालांकि मलाल है कि वह गोल्ड नहीं जीत सकी।
