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सीताफल एक्सीलेंस सेंटर में खराब मौसम के बावजूद रिकॉर्ड उत्पादन

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सीताफल एक्सीलेंस सेंटर में खराब मौसम के बावजूद रिकॉर्ड उत्पादन

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सरस्वती-7 और सुपर गोल्ड की सबसे अधिक मांग, 1100 किलो की बिक्री
समय से पहले पकने के बावजूद बेहतर पैदावार
चित्तौड़गढ़, 26 नवंबर (विजन 360 न्यूज डेस्क):
चित्तौड़गढ़ के सीताफल एक्सीलेंस सेंटर में इस वर्ष मौसम प्रतिकूल रहने के बावजूद उत्पादन और गुणवत्ता दोनों ही पिछले वर्षों से बेहतर रहे। अक्टूबर की अनिश्चित बरसात से सीताफल समय से पहले पक गए, जिससे तुड़ाई और बिक्री एक साथ करनी पड़ी। चूंकि सीताफल को लंबे समय तक स्टोर नहीं किया जा सकता, इसलिए बड़ी मात्रा में फलों को तुरंत बाजार में उतारना पड़ा। इसके बावजूद कई फलों के समय से पहले गिरकर खराब होने से नुकसान भी हुआ।
1100 किलो बिक्री, 200 किलो पल्प सुरक्षित—सरस्वती-7 सबसे लोकप्रिय
उपनिदेशक शंकरलाल जाट ने बताया कि इस सीजन में लगभग 1100 किलो सीताफल की बिक्री हुई, जबकि 200 किलो पल्प सेंटर पर सुरक्षित रखा गया है। एवरेज कीमत 40 रुपए किलो रही। सरस्वती-7 किस्म सबसे अधिक लोकप्रिय रही, जिसका वजन 1250 ग्राम तक पहुंचा। इसमें 70% पल्प होने के कारण ग्राहक और किसान दोनों इसे पसंद करते हैं। सुपर गोल्ड किस्म का वजन 700 ग्राम से डेढ़ किलो तक रहा और इसे एक्सपोर्ट क्वालिटी माना जाता है। फिंगरप्रिंट किस्म भी 830 ग्राम के वजन के साथ खरीदारों में पसंद की गई।
पल्प की मांग बढ़ी, 200 रुपए किलो पर बिक्री जारी
नमी के कारण कुछ फलों में फंगस की समस्या दिखी, लेकिन इसका समग्र उत्पादन पर कम असर पड़ा। इस वर्ष 200 किलो पल्प तैयार किया गया, जिसमें से आधा मशीन और आधा हाथ से निकाला गया। शादी-ब्याह में भी पल्प की विशेष मांग रही। पल्प की कीमत 200 रुपए प्रति किलो तय की गई है, जिसे ग्राहक आसानी से स्वीकार कर रहे हैं। सेंटर का कहना है कि चुनौतियों के बावजूद यह सीजन सफल माना जाएगा।

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