वन विभाग विलायती बबूल को जड़ से मिटाएगा, पारंपरिक वनस्पति पर जोर
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उदयपुर, 28 नवंबर : प्रदेश में वन विभाग विलायती बबूल को जड़ से मिटाएगा और पारंपरिक वनस्पति को बचाने और लगाने पर पूरा जोर रहेगा।
मुख्यमंत्री के गोचर और चारागाह भूमि के विकास को लेकर वन विभाग ने यह योजना तैयार की है, जिसके तहत विलायती बबूल (प्रोसोपिस जुलिफोरा) का उन्मूलन जड़ से किया जाना सुनिश्चित किया है। साथ ही यह तय किया गया कि राज्य की जो पारंपरिक वनस्पति है उसे संरक्षित किया जाएगा।
वन विभाग का मानना है कि विलायती बबूल के जड़ से उन्मूलन से ना केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, बल्कि पारंपरिक वनस्पतियों का संवर्धन होगा और चरागाह भूमि का विकास भी होगा। विभाग का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
पारम्परिक वनस्पतियों के संरक्षण के साथ उन्हें लगाने के लिए बीज गुणियों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत पिछले दिनों भीलवाड़ा के जिला परिषद में बीज गुणियों का एक वर्कशॉप भी आयोजित हुई, जिसमें उदयपुर के आलवा राजसमंद, चित्तौड़गढ़ के साथ भीलवाड़ा के 70 गुणियों ने भाग लिया। इसमें स्थानीय प्रजातियों के पेड़, चारा, औषधीय और फलदार पौधों के संरक्षण और बीज संग्रहण का महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही यह तय किया गया है प्रदेश में पाने वाली 150 पारम्परिक वनस्पतियों के बीज का बैंक स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया।
