न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण की मूल पत्रावली गायब, फौजदारी लिपिक नामजद
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कलिंजरा थाने में रीडर ने दर्ज कराया मामला
बांसवाड़ा, 30 नवम्बर: जिले के सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय बागीदौरा में विचाराधीन एक प्रकरण की मूल पत्रावली गायब होने का मामला सामने आया है। इसे लेकर न्यायालय के रीडर ने तत्कालीन फौजदारी लिपिक के खिलाफ कलिंजरा थाने में प्रकरण दर्ज कराया है।
न्यायालय सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट बागीदौरा के रीडर सुरेश पारिख की ओर से कलिंजरा थाने में रिपोर्ट दी गई। इसमें बताया कि न्यायालय की पत्रावली आपराधिक मूल प्रकरण संख्या 361/2019 राजस्थान राज्य बनाम रंगजी की पत्रावली नहीं मिल रही है। इसे लेकर तत्कालीन फौजदारी लिपिक केशव पारगी को 27 नवम्बर को सबह मूल पत्रावली ढूंढकर पेश करने को कहा गया, किंतु शाम साढ़े 5 बजे तक भी पेश नहीं की गई। रिपोर्ट के अनुसार उक्त प्रकरण की पत्रावली बार-बार ढूंढने पर भी नहीं मिली है। 15 फरवरी को पत्रावली नहीं मिलने पर फौजदारी लिपिक पारगी को निर्देश दिए थे। इस पर उसने पत्रावली ढूंढने के लिए समय मांगा था। इसके बाद 18 फरवरी की पेशी पर भी इसे न्यायाधीश के समक्ष पेश नहीं किया जा सका।
रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन फौजदारी लिपिक को करीब 10 माह से अधिक समय पत्रावली ढूंढने के लिये दिया जा चुका है, किन्तु हर बार ढूंढने के लिये समय की आवश्यकता होना बताया एवं आज तक पत्रावली ढूंढकर पेश नहीं की गई है। ऐसे में संदेह है कि पत्रावली या तो चोरी हो चुकी है या किसी कर्मचारी द्वारा जानबूझकर छिपाकर रखी है या गायब अथवा नष्ट कर दी गई है। कार्यालय में पत्रावली फैसला होने के संधारित रजिस्टर में भी उक्त प्रकरण का कोई उल्लेख नहीं है। इस स्थिति पर न्यायालय ने वर्तमान में कार्यरत रीडर को प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद रीडर ने तत्कालीन फौजदारी लिपिक केशव पारगी के खिलाफ धारा 306 बीएनएस में प्रकरण दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
