बांसवाड़ा में पहली बार 1 लाख दीपों से जगमगाएगा भारत माता मंदिर
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आज से गीता जयंती महोत्सव की शुरुआत, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल प्रतियोगिताओं से दो दिन तक शहर रहेगा भक्तिमय
बांसवाड़ा, 30 नवम्बर: बांसवाड़ा में गीता जयंती महोत्सव का दो दिवसीय भव्य आयोजन आज से शुरू हो रहा है। इस बार महोत्सव की विशेषता है—भारत माता मंदिर परिसर में पहली बार एक लाख दीपों का भव्य दीपदान, जिसे देखने हजारों लोग जुटेंगे। वैदिक संस्कारों, शोभायात्राओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से पूरा शहर आध्यात्मिक रंग में रंगने को तैयार है।
परियोजना प्रमुख धर्मराज ने बताया कि महोत्सव की शुरुआत वैदिक विधि से हवन-यज्ञ और मंत्रोच्चारण के साथ होगी। इसके बाद संगीतमय भक्ति कार्यक्रम वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे। महोत्सव में राजस्थान की लोक संस्कृति पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थी समूह नृत्य, एकल नृत्य और ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुत करेंगे। पेंटिंग प्रतियोगिता और गीता पर आधारित शैक्षणिक सेमिनार भी विशेष आकर्षण रहेंगे। प्रांत सहसंयोजक करण सिंह ने बताया कि रविवार शाम को होने वाला एक लाख दीपों का प्रकाश महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण होगा। भारत माता की विशेष आरती में करीब 10 हजार लोग शामिल होंगे।
खेल और कलश यात्रा से सजेगा रविवार
प्रचार प्रभारी यशवंत भावसार के अनुसार रविवार सुबह कॉलेज स्टेडियम में दीप प्रज्वलन के बाद कबड्डी और रस्साकशी प्रतियोगिता शुरू होगी। दोपहर 1 बजे कुशलबाग मैदान से कलश यात्रा निकलेगी, जो भारत माता मंदिर पहुंचेगी। शाम 4 बजे धर्मसभा और उसके बाद मेहंदी, मांडना, रंगोली व चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। शाम 7 बजे से मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन होगा और 7:15 बजे एक लाख दीपदान किया जाएगा। देर रात 10 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम और 10:15 बजे महाआरती आयोजित होगी।
सोमवार को शोभायात्रा और रात्रि भर भजन-कीर्तन
सोमवार शाम 5 बजे विभिन्न भजन मंडलियों की शोभायात्रा भारत माता मंदिर पहुंचेगी। रात 8 से 10 बजे तक लोकगीत, भक्ति गीत और संतों के प्रवचन होंगे। इसके बाद रात भर गवरी, गैर, भवई नृत्य और भजन-कीर्तन चलता रहेगा।
