पावर की लड़ाई, एक पद पर दो अधिकारी
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सीएमएचओ उदयपुर प्रथम: डीडीओ पावर को लेकर खींचतान
उदयपुर, 3 दिसम्बर : उदयपुर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम पद पर दो अधिकारी पदस्थ हैं। इनमें से डॉ. शंकर एच.बामनिया हाईकोर्ट के आदेश पर मंगलवार को पदभार ग्रहण कर लिया और जिला शिशु एवं प्रजनन अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य राज्य सरकार के आदेश पर इस पद का अतिरिक्त कार्यभार संभाले हुए हैं। अब इन दोनों अधिकारियों के बीच आहरण एवं वितरण अधिकार (डीडीओ पावर) को लेकर खींचतान चल रही है। यह पहली बार नहीं, दूसरी बार है, जब डीडीओ पावर को लेकर इन दो अधिकारियों में तल्खी रही थी।
डॉ. बामनिया का तर्क है कि जब वह सीएमएचओ प्रथम पद पर पदस्थ थे तब डीडीओ पावर उनके पास थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने उनके निलंबन को स्थगित कर दिया। जिसके बाद वह उसी पद पर लौट आए और डीडीओ पावर उनके पास ऑलरेडी थी। इधर, डॉ. अशोक आदित्य का तर्क है कि उन्हें डीडीओ पावर विभाग ने सौंपी थी और उन्हीं के पास डीडीओ पावर है। जबकि इस मामले में विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा का कहना है कि डीडीओ पावर जिस तरह डॉ. अशोक आदित्य को सौंपे गए, उसी तरह विभाग का पत्र डॉ. बामनिया के पक्ष में आएगा, तब उन्हें मिल जाएगी।
डॉ. बामनिया का तर्क, डॉ. आदित्य को रिलीव कर दिया अब वह सीएमएचओ नहीं
इधर, डॉ. शंकर लाल बामनिया का तर्क है कि उन्होंने पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. अशोक आदित्य को उनके मूल पद जिला शिशु एवं प्रजनन अधिकारी के पद पर रिलीव कर दिया। जिसके बाद वह सीएमएचओ नहीं रहे। इसलिए उनका हक नहीं रहता। इधर, डॉ. अशोक आदित्य ने कहा, डॉ. बामनिया को यह अधिकार नहीं कि वह उन्हें रिलीव करें। विभाग ने उन्हें सीएमएचओ के पद का दायित्व सौंपा था, अब विभाग ही तय करेगा। संयुक्त निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने कहा कि उन्होंने मामले की संपूर्ण जानकारी जयपुर मुख्यालय को भेज दी है। विभाग तय करेगा कि पावर किसके पास रहेगी।
ढाई साल से चल रही खींचतान
दरअसल, अगस्त 2022 से डॉ. बामनिया और डॉ. अशोक आदित्य के बीच सीएमएचओ पद को लेकर खींचतान चल रही है। दोनों ही अधिकारी इस बीच तीन—तीन बार सीएमएचओ रह चुके हैं। दोनों एक ही पद पर कई महीने तक पदस्थ रहे। इस बार भी दोनों ही अधिकारी एक ही पद पर सेवारत हैं।
