LOADING

Type to search

डूंगरपुर जिला अस्पताल में पार्किंग ठेके के खिलाफ बीएपी का धरना

Local

डूंगरपुर जिला अस्पताल में पार्किंग ठेके के खिलाफ बीएपी का धरना

Share

मरीजों से अवैध वसूली और बदसलूकी के आरोप, अस्पताल प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम
डूंगरपुर, 5 दिसम्बर:
डूंगरपुर जिला अस्पताल में लगाए गए पार्किंग ठेके को लेकर विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को चौरासी विधानसभा क्षेत्र से बीएपी विधायक अनिल कटारा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन किया। बीएपी नेताओं का कहना है कि पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारी मरीजों और उनके परिजनों से अवैध रूप से शुल्क वसूल रहे हैं और कई बार उनके साथ अभद्रता भी कर रहे हैं।
विधायक कटारा ने बताया कि पिछले कई दिनों से उन्हें अस्पताल में पार्किंग वसूली से संबंधित शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। परिजनों का आरोप है कि यदि कोई व्यक्ति अस्पताल से बाहर जाने के बाद आधे घंटे के भीतर दोबारा लौटता है, तो उससे फिर से पर्ची के नाम पर शुल्क लिया जाता है। इस दौरान कर्मचारियों द्वारा बदसलूकी की घटनाएँ भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि यह मरीजों और उनके परिवारों के साथ सीधा अन्याय है।
कटारा ने सवाल उठाया कि जब बांसवाड़ा और उदयपुर जैसे बड़े जिलों के सरकारी अस्पतालों में पार्किंग ठेका नहीं लगाया जाता, तो फिर डूंगरपुर में ही यह अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जा रहा है? उन्होंने तर्क दिया कि सरकारी अस्पताल में जहाँ दवाइयाँ, जांचें और उपचार निशुल्क उपलब्ध हैं, वहीं पार्किंग भी निशुल्क होना चाहिए ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को राहत मिल सके।
धरने में बीएपी जिला अध्यक्ष अनुतोष रोत, सामान्य वर्ग प्रदेश संयोजक दिग्विजय सिंह, सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बीएपी ने अस्पताल प्रबंधन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि में पार्किंग ठेका समाप्त नहीं किया गया, तो संगठन जिलेभर में उग्र आंदोलन करेगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *