सोमी गांव में बैलगाड़ियों पर निकली अनूठी बारात
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11 सजी बैलगाड़ियों में 60–70 बाराती, सूरत के व्यवसायी परिवार ने निभाई परंपरा
चित्तौड़गढ़, 14 दिसम्बर: आधुनिक दौर में जहां शादियों में लग्जरी गाड़ियों और दिखावे का चलन बढ़ रहा है, वहीं राशमी क्षेत्र के सोमी गांव में परंपरा से जुड़ी एक अनोखी बारात ने सभी का ध्यान खींचा। सोमी निवासी एवं सूरत में व्यवसाय कर रहे सीताराम अहीर के पुत्र राहुल की बारात बैलगाड़ियों पर सवार होकर देवीपुरा द्वितीय के लिए रवाना हुई।
इस विशेष आयोजन में कुल 11 सुसज्जित बैलगाड़ियों का उपयोग किया गया, जिनमें करीब 60 से 70 बाराती गाजे-बाजे के साथ शामिल हुए। जब बैलगाड़ियों का यह काफिला गांव से निकला और देवीपुरा द्वितीय पहुंचा, तो रास्ते भर ग्रामीण इसे देखने उमड़ पड़े।
वर पक्ष के नानूराम अहीर (सूरत) ने बताया कि उनका परिवार वर्षों से सूरत में व्यवसाय कर रहा है, लेकिन वे आज भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विवाह जैसे पावन अवसर पर सादगी और परंपरा को प्राथमिकता दी गई। इस पारंपरिक बारात में सूरत के कई प्रतिष्ठित व्यवसायी भी शामिल हुए, जिन्होंने लोक-संस्कृति के संरक्षण और सम्मान का संदेश दिया।
