पेपर लीक की खबरें पढ़कर बना मास्टरमाइंड, करोड़पति बनने का देखा सपना
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फॉरेस्ट गार्ड भर्ती पेपर लीक में सरकारी टीचर का कबूलनामा
अब तक 39 गिरफ्तार, चार नए नाम उजागर; 10–15 संदिग्ध रडार पर
बांसवाड़ा, 15 दिसम्बर: वन रक्षक भर्ती परीक्षा-2020 (फॉरेस्ट गार्ड) पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सरकारी शिक्षक जबराराम जाट ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने स्वीकार किया कि अखबारों में लगातार पेपर लीक से जुड़ी खबरें पढ़कर उसके मन में करोड़ों कमाने का लालच पैदा हुआ और यहीं से उसने इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बनने की योजना बनाई।
पुलिस आरोपी को सोमवार को बांसवाड़ा कोर्ट में पेश कर 9 दिन की रिमांड पर लेने की तैयारी में है। इस मामले में अब तक 39 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बड़ी मात्रा में पैसों की रिकवरी और कई अहम खुलासे अभी बाकी हैं।
अखबारों की खबरों से मिला अपराध का आइडिया
मामले के जांच अधिकारी एएसपी भवानी शंकर मीणा ने बताया कि गिरफ्तार मास्टरमाइंड जबराराम जाट स्वयं थर्ड ग्रेड शिक्षक है और शुरू से ही अत्यधिक महत्वाकांक्षी रहा है। उसने पूछताछ में बताया कि अखबारों में पेपर लीक से करोड़ों की कमाई की खबरें पढ़कर उसने इस अपराध को अंजाम देने का फैसला किया।
भोपाल की प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ पेपर
आरोपी बाड़मेर जिले के पचपदरा थाना क्षेत्र का निवासी है। उसने स्वीकार किया कि परीक्षा का पेपर भोपाल स्थित रुचि प्रिंटिंग प्रेस से हासिल किया गया था। पेपर लीक के जरिए उसने बड़ी रकम कमाई, जिसकी रिकवरी के लिए पुलिस दोबारा रिमांड की मांग कर रही है।
चार नए नाम सामने, एक फरार
पूछताछ में जबराराम ने चार अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं, जिन्होंने पेपर उपलब्ध कराने में उसकी मदद की। इन सभी को नामजद कर लिया गया है। प्रिंटिंग प्रेस से पेपर बाहर निकालने वाला व्यक्ति अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार गोपनीयता के चलते फिलहाल अन्य संदिग्धों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इस पूरे नेटवर्क में शामिल 10 से 15 लोग अभी पुलिस के रडार पर हैं, जिनसे जल्द पूछताछ की जाएगी।
