आदिवासियों के नाम पर राजनीति कर रही हैं बीजेपी, कांग्रेस और बीएपी: बीटीपी अध्यक्ष
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‘वादा याद दिलाओ अभियान’ चलाएगी बीटीपी, डूंगरपुर-उदयपुर-बांसवाड़ा के नए जिलाध्यक्ष घोषित
डूंगरपुर, 16 दिसम्बर: भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. वेलाराम घोघरा ने कांग्रेस, भाजपा और भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर आदिवासियों के नाम पर केवल राजनीतिक स्वार्थ साधने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इन दलों ने वर्षों तक आदिवासी समाज को वोट बैंक समझा और वास्तविक विकास से दूर रखा।
डूंगरपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ. घोघरा ने बीटीपी की आगामी रणनीति साझा करते हुए बताया कि पार्टी टीएसपी (ट्राइबल सब-प्लान) क्षेत्र में जल्द ही ‘वादा याद दिलाओ अभियान’ शुरू करेगी। इसके तहत कार्यकर्ता घर-घर जाकर कांग्रेस और भाजपा सरकारों द्वारा किए गए वादों, घोषणाओं, योजनाओं, समितियों और आयोगों के गठन की हकीकत जनता के सामने रखेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, भाजपा और बीएपी ने स्थानीय समस्याओं के समाधान के बजाय आदिवासी समाज को आपस में लड़ाने का काम किया है। डॉ. घोघरा ने कहा कि पेसा कानून, पर्यावरण संरक्षण और ग्राम सभा को सशक्त बनाने जैसे कानून बनाए तो गए, लेकिन आज तक इन्हें धरातल पर लागू नहीं किया गया। बीटीपी इन कानूनों को पूरी मजबूती से लागू करवाने के लिए संघर्ष करेगी।
बीटीपी के दबाव से बदली राजनीति
बीटीपी अध्यक्ष ने दावा किया कि पार्टी के अस्तित्व में आने के बाद ही कांग्रेस और भाजपा को आदिवासी क्षेत्रों की सुध लेनी पड़ी। आज प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक इन इलाकों में आकर आदिवासी नायकों को याद कर रहे हैं और बजट की घोषणाएं कर रहे हैं। इसे उन्होंने बीटीपी की बड़ी उपलब्धि बताया।
बीएपी पर भी निशाना
डॉ. घोघरा ने कहा कि बीएपी के कई नेता पहले बीटीपी में थे, लेकिन पार्टी में एक बार ही चुनाव लड़ने के नियम के चलते उन्होंने स्वार्थ और अहंकार में नई पार्टी बना ली।
नए जिलाध्यक्ष घोषित
इस मौके पर डॉ. घोघरा ने दिलीप पणदा को बांसवाड़ा, सोमचंद पंडवाला को डूंगरपुर और दिनेश कुमार अहारी को उदयपुर का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त करते हुए नियुक्ति पत्र सौंपे।
