गोटीपुआ के भक्ति-करतब और छत्तीसगढ़ की पंडवानी मोहा मन
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उदयपुर, 23 दिसम्बर: शिल्पग्राम उत्सव के पांचवें दिन गुरुवार शाम मुक्ताकाशी मंच पर ओडिशा के पारम्परिक गोटीपुआ नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संपूर्ण स्त्री वेश धारण किए बाल नर्तकों ने भगवान जगन्नाथ को प्रसन्न करने हेतु भक्ति, लावण्य और एक्रोबेटिक करतबों का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। पिरामिड निर्माण और सधे हुए नृत्य स्टेप्स पर तालियों की गूंज से पूरा शिल्पग्राम गूंज उठा।
इसी कड़ी में उत्सव की ‘लोक के रंग–लोक के संग’ थीम को साकार करते अन्य प्रस्तुतियों में गुजरात का गरबा, जम्मू का डोगरी जगरना, राजस्थान का सहरिया स्वांग व सफेद आंगी गेर, गोवा की देखनी, त्रिपुरा का होजागिरी, ओडिशा का संभलपुरी और महाराष्ट्र के मल्लखंभ सहित हरियाणा का घूमर, गोगाजी को समर्पित डेरू नृत्य, पश्चिम बंगाल का नटुआ, छत्तीसगढ़ की पंडवानी और थांगटा-स्टिक प्रस्तुति को भी खूब सराहना मिली। कार्यक्रम संचालन दुर्गेश चांदवानी और मोहिता दीक्षित ने किया।
