राजस्थान में सरपंच-पार्षद बनेंगे अब पढ़े-लिखे
Share
शैक्षणिक योग्यता लागू करने की तैयारी
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 25 दिसंबर: राजस्थान सरकार पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों में शैक्षणिक योग्यता लागू करने की तैयारी में है। अगर प्रस्ताव मंजूर होता है तो अब अनपढ़ व्यक्ति सरपंच, पार्षद, मेयर, सभापति, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। सरकार का मानना है कि पढ़े-लिखे जनप्रतिनिधियों से स्थानीय स्वशासन में कामकाज अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगा।
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने उदयपुर में बताया कि वह इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भेज चुके हैं। जिसके अनुसार सरपंच बनने के लिए कम से कम 10वीं पास, पार्षद पद के लिए 10वीं या 12वीं पास होना अनिवार्य होगा। शहरी निकायों में मेयर और नगर पालिका अध्यक्ष के लिए भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय की जाएगी।
शैक्षणिक योग्यता लागू करने के लिए पंचायती राज अधिनियम और नगर पालिका अधिनियम में संशोधन करना होगा। संशोधन विधानसभा से पास होने के बाद ही कानूनी रूप से लागू होगा और चुनाव आयोग नई प्रक्रिया के अनुसार चुनाव कराएगा।
उल्लेखनीय है कि यह नियम पहले 2015 में वसुंधरा राजे सरकार ने लागू किया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने 2019 में इसे हटा दिया था। तब आदिवासी क्षेत्रों में भी सीमित स्तर पर पढ़ाई की शर्त रखी गई थी।
