महाराणा प्रताप किसी पार्टी की देन नहीं, अपने पूर्वजों के गौरव का प्रतिफल: डॉ. मेनारिया
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पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के बयान की कड़ी निंदा
उदयपुर, 26 दिसम्बर : पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया द्वारा 22 दिसंबर को गोगुंदा में महाराणा प्रताप को लेकर दिए गए बयान “महाराणा प्रताप को पहली बार जिन्दा करने का काम जनता पार्टी ने किया” की ग्लोबल हिस्ट्री फोरम के संस्थापक अध्यक्ष वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. जी. एल. मेनारिया ने कड़ी निंदा की।
डॉ. मेनारिया ने स्पष्ट किया कि महाराणा प्रताप किसी भी पार्टी या दल की देन नहीं हैं, बल्कि यह उनके पूर्वजों के गौरवपूर्ण कार्यों का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के स्वाधीनता संघर्ष के कारण ही मेवाड़ के महाराणा भूपालसिंह ने भारत संघ में मेवाड़ को शामिल करने की घोषणा की थी, जिससे देश की अन्य रियासतें अखंड और स्वतंत्र भारत के निर्माण हेतु तैयार हुईं।
ग्लोबल हिस्ट्री फोरम की बैठक में उपस्थित इतिहासकारों ने कटारिया से सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफी की मांग की। बैठक में महासचिव डॉ. अजातशत्रु सिंह राणावत, डॉ. मिनाक्षी मेनारिया, डॉ. मनोज भटनागर, डॉ. जे. के. ओझा, सोहनलाल जोशी, चन्दन सिंह खोखावत और डॉ. रामसिंह राठौड़ ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
डॉ. मेनारिया ने उल्लेख किया कि उन्होंने अपनी पुस्तक “महाराणा प्रताप महान्” की प्रति राज्यपाल को उनके उदयपुर प्रवास के दौरान भेंट की थी, और यह गम्भीर अध्ययन के बाद ही प्रताप जैसे युगपुरूष पर टिप्पणी करना प्रासंगिक होगा।
