निजी क्लिनिक पर इंजेक्शन के बाद युवक की मौत
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परिजनों ने किया विरोध: डॉक्टर के लाइसेंस रद्द करने की मांग
प्रतापगढ़, 26 दिसंबर: प्रतापगढ़ में एक निजी क्लिनिक पर इलाज के दौरान 42 वर्षीय युवक उम्मेद सिंह राजपूत की मौत का मामला तूल पकड़ गया। घटना के तीन दिन बाद परिजनों और समाजजनों ने क्लिनिक पर विरोध प्रदर्शन किया और डॉक्टर के लाइसेंस रद्द करने की मांग की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और डॉक्टर से पूछताछ शुरू कर दी है।
लालपुरा थड़ा निवासी उम्मेद सिंह राजपूत (42) को 24 दिसंबर को सुबह लगभग 11:20 बजे चक्कर और सिरदर्द की शिकायत के साथ नई आबादी स्थित सोनी क्लिनिक लाया गया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने बिना विस्तृत जांच किए उन्हें इंजेक्शन लगाया।
इंजेक्शन के बाद उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया गया। इस दौरान उनकी पत्नी के फोन आने पर तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिली। परिजनों का आरोप है कि बार-बार बुलाने पर भी डॉक्टर मौके पर नहीं आए और मरीज की हालत बिगड़ती चली गई। इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में किडनी और हृदय फेल होने की बात सामने आई। मृतक पेशे से इंजीनियर थे और वोडाफोन-आइडिया कंपनी में कार्यरत थे।
शुक्रवार को करीब 80-100 लोग क्लिनिक पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान क्लिनिक बंद कराने का प्रयास किया गया, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बन गई। राजपूत सेवा समिति ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए डॉक्टर के लाइसेंस रद्द करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। समिति का आरोप है कि त्वचा रोग विशेषज्ञ द्वारा हृदय रोग का इलाज किया गया, जो नियमों के खिलाफ है। इधर, क्लिनिक संचालक डॉ. धनेश सोनी ने बताया कि मरीज का उपचार क्लिनिक पर किया गया और स्थिति बिगड़ने पर उन्हें रेफर किया गया, तभी मरीज ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के भाई कमल सिंह की रिपोर्ट पर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल स्थिति शांत है और जांच जारी है।
