गजब का खेल! पहले फर्जी मालिक खड़ा किया, फिर जमीन पाने इस्तागासा लगा दिया
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पर आरोपियों की चतुराई पुलिस के सामने न चल पाई
फर्जी मालिक बनकर जमीन बेचने का आरोपी भी गिरफ्तार
कर्ज चुकाने के लिए देनदारों ने साथ मिलकर रची साजिश
नोटेरी के सामने किए थे फर्जी हस्ताक्षर, तीन साल बाद गिरफ्तारी
उदयपुर, 1 जनवरी: उदयपुर शहर की भूपालपुरा थाना पुलिस ने जमीन फर्जीवाड़े के एक मामले का खुलासा करते हुए फर्जी जमीन मालिक बनकर विक्रय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीते तीन वर्षों से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे अथक प्रयासों के बाद दबोच लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है।
थानाधिकारी भूपालपुरा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में आरोपी सोहनलाल सालवी (59) निवासी रोडदा जगत, थाना कुराबड़, हाल एकलिंगपुरा हिरणमगरी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार प्रार्थी मनीष जैन द्वारा न्यायालय में पेश इस्तगासे के आधार पर यह प्रकरण दर्ज किया गया था। इस्तगासे में मनीष ने यह आरोप लगाया था कि मांगीलाल गमेती की ढीकली गांव स्थित कृषि भूमि को विक्रय करने के नाम पर विक्रय इकरार कर राशि प्राप्त की गई, लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई गई। इस रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया।
अनुसंधान में चौंकाने वाली बात सामने आई। प्रार्थी मनीष जैन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने बताया कि मनीष जैन और उसके सहयोगी धर्मेंद्र सुथार ने सुनियोजित साजिश के तहत जमीन को विवादित दिखाकर उसकी कीमत गिराने का प्रयास किया। इसी योजना के तहत सोहनलाल सालवी को फर्जी मांगीलाल बनाकर नोटेरी के समक्ष विक्रय इकरारनामे पर हस्ताक्षर करवाए गए। पुलिस पूछताछ में आरोपी सोहनलाल सालवी ने स्वीकार किया कि उस पर कर्ज के दबाव के चलते धर्मेंद्र सुथार के कहने पर उसने मांगीलाल गमेती बनकर विक्रय इकरार पर हस्ताक्षर किए।
पुलिस पहले ही मनीष जैन और धर्मेंद्र सुथार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब फर्जी हस्ताक्षरकर्ता की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। भूपालपुरा थाना पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तरह के फर्जीवाड़े में अन्य लोग तो शामिल नहीं हैं और क्या आरोपी ने पूर्व में भी ऐसे अपराध किए हैं।
