साइबर ठगी का मुख्य आरोपी गुजरात से गिरफ्तार
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मोबाइल बेचने के नाम पर 2.75 लाख की धोखाधड़ी, अब तक 25 लाख की ठगी कबूली
प्रतापगढ़, 2 जनवरी: प्रतापगढ़ साइबर थाना पुलिस ने मोबाइल फोन का स्टॉक बेचने के नाम पर 2 लाख 75 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में मुख्य आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पटेल फैजल अहमद, निवासी आमोद, जिला भरूच (गुजरात) के रूप में हुई है। उसे 2 जनवरी 2026 को भरूच जिला कारागृह से प्रोडक्शन वारंट पर प्राप्त कर गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर की गई।
मोबाइल स्टॉक की डिलीवरी का झांसा
इस संबंध में 17 अगस्त 2023 को प्रतापगढ़ निवासी राजीव शाह ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 10 अगस्त 2023 को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को मोबाइल का थोक व्यापारी बताते हुए संपर्क किया। आरोपी ने मोबाइल स्टॉक की आपूर्ति की शर्तें बताईं और एक-दो दिन में डिलीवरी का भरोसा दिलाते हुए 2.75 लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा।
पीड़ित ने आरोपी के बताए गए फोन-पे खाते में राशि जमा कर दी। इसके बाद जब डिलीवरी को लेकर संपर्क किया गया तो आरोपी का मोबाइल स्विच ऑफ मिला। आरोपी ने अपने सभी नंबर बंद कर दिए और व्हाट्सएप चैट भी डिलीट कर दी, जिससे धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना प्रतापगढ़ में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा और पुलिस उप अधीक्षक गजेंद्र सिंह राय के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी हरिसिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त बैंक खातों को फ्रीज कराया गया। खातों के स्टेटमेंट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश तेज की गई।
अब तक 25 लाख की ठगी स्वीकार
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। इसी बीच 30 दिसंबर 2025 को आमोद थाना पुलिस (भरूच) ने उसे गिरफ्तार कर जिला कारागृह में निरुद्ध किया। इसके बाद प्रतापगढ़ साइबर पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह मोबाइल स्टॉक की डिलीवरी के नाम पर लोगों से ऑनलाइन खातों में पैसे मंगवाकर ठगी करता था। उसने गुजरात और प्रतापगढ़ में अब तक करीब 25 लाख रुपये की ठगी करना कबूल किया है। पुलिस आरोपी से जुड़े अन्य मामलों और नेटवर्क की जांच कर रही है।
