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जाना था बनारस, पहुंचा दिया बांसवाड़ा

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जाना था बनारस, पहुंचा दिया बांसवाड़ा

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निजी ट्रेवल्स के चालक की मनमानी, अब वापसी का संकट
बांसवाड़ा, 4 जनवरी:
गायक किशोर कुमार का मशहूर गीत है ‘जाना था जापान, पहुंच गए चीन…’ जैसी ही स्थिति से बिहार के 8 युवाओं को रूबरू होना पड़ा है। जयपुर से उन्हें बनारस जाना था, लेकिन निजी बस चालक बांसवाड़ा ले आया। अब रुपया पैसा नहीं होने के कारण उनके सामने वापसी का संकट खड़ा हो गया है।
बांसवाड़ा के नया बस स्टैंड के बाहर खड़े इन युवाओं में से प्रिंस कुमार सोनी ने बताया कि वे जयपुर आए थे और उन्हें बनारस जाना था। जयपुर में ट्रेन नहीं मिलने पर बस से जाने का निर्णय किया। रुपए की कमी होने पर घर पर बात की और ऑनलाइन रुपए मंगवाए। इसके बाद वे सभी शनिवार को एक निजी ट्रेवल्स जैन पार्श्वनाथ के यह गए। संचालक को बनारस जाने के लिए टिकट देने को कहा। इस पर संचालक ने हामी भरते टिकट का जुगाड़ करने की बात कही।
5600 रुपए वसूले
सोनी के अनुसार ट्रेवल्स एजेंसी संचालक ने प्रति यात्री 700 रुपए के हिसाब से उनसे 5600 रुपए लिए। इसके बाद शाम 5 बजे आने को कहा। 5 बजे पहुंचने पर आधे घंटे में बस आने की जानकारी दी। साढ़े 5 बजे उन्हें अन्य भारत ट्रेवल्स का टिकट दे दिया। वहां से उन्हें बस में बैठने को कहा तो वे बैठ गए और बस रवाना हो गई।
गूगल मैप देखा तब पता चला
सोनी ने बताया कि रात करीब साढ़े 12 बजे नींद टूटी तो गूगल मैप से दूरी पता करने का प्रयास किया। तब पता चला कि वे गलत रास्ते पर जा रहे हैं। इस पर चालक और परिचालक से पूछा कि कहां ले जा रहे हो, हमें बनारस जाना है। उसने सही जगह ही ले जाने की बात कही। करीब साढ़े तीन घंटे तक संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। सुबह करीब साढ़े 4 बजे जोर देकर कहने पर बस रोकने की बात कही। इसी बीच युवाओं ने ऑनलाइन सर्च कर बांसवाड़ा पुलिस का नंबर पता कर घटनाक्रम से अवगत कराया। इसके बाद पुलिस ने चालक से बात की। चालक ने कुछ देर में बांसवाड़ा पहुंचकर युवाओं को उतारने को कहा। सोनी ने बताया कि उन्हें बांसवाड़ा उतार देने के बाद चालक बस ले गया। अब उनके पास वापस लौटने के लिए रुपए भी नहीं है। बाद में वे कोतवाली थाना पहुंचे और घटनाक्रम से अवगत कराया। पुलिस ने युवाओं की वापसी सुनिश्चित करने और ट्रेवल्स एजेंसी संचालक के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाने को आश्वस्त किया है।

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