उदयपुर में अरावली संरक्षण अभियान तेज, खनन माफिया में मचा हड़कम्प
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देवलिया में सवा सौ टन क्वार्टज् जब्त, कुराबड़ में फेल्सपार, मेसेनरी स्टोन पकड़ा, ईसवाल में अवैध खनन के दो प्रकरण कराए दर्ज
उदयपुर, 4 जनवरी: अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और अवैध खनन की रोकथाम को लेकर राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उदयपुर जिले में प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। जिला कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में खनन, वन, पुलिस, परिवहन और राजस्व विभागों की संयुक्त टीमें सतत मॉनिटरिंग कर रही हैं और अवैध खनन पर सख्ती से नकेल कस रही हैं। अभियान के चलते खनन माफिया में हड़कंप मचा हुआ है।

शीशवी-कुराबड़ क्षेत्र में बड़ी जब्ती
खनि अभियंता आसिफ अंसारी ने बताया कि रविवार को संयुक्त निरीक्षण दल ने शीशवी-कुराबड़ क्षेत्र में अवैध निर्गमन के खिलाफ कार्रवाई की। एक ट्रेलर में लगभग 40 टन फेल्सपार अवैध पाए जाने पर जब्त किया गया। इसी क्रम में दो अन्य ट्रेलरों में ओवरलोडिंग के चलते लगभग 70 टन मेसनरी स्टोन को जब्त किया गया। सभी वाहनों पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ऋषभदेव और पाटिया क्षेत्र में भी कार्रवाई
ऋषभदेव क्षेत्र में पुलिस उप अधीक्षक हेरम्ब जोशी के निर्देशन में थानाधिकारी एवं पुलिस टीम ने गश्त के दौरान देवलिया में लगभग 100-125 टन क्वार्ट्ज का अवैध भंडारण पाया। मौके पर खनन विभाग के अधिकारियों को बुलाकर क्वार्ट्ज को निगरानी में लिया गया और अग्रिम कार्रवाई जारी है।
पाटिया थाना क्षेत्र में थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राव के नेतृत्व में टीम ने एक ट्रैक्टर मय मेसनरी स्टोन से भरी ट्रॉली को डिटेन किया और माइनिंग विभाग को सूचित किया। ईसवाल गांव में भी अवैध खनन की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारी धर्मेंद्र सिंह मय टीम मौके पर पहुंचे और दो स्थलों पर अवैध स्टोन निकालने का मामला पाया, जिसके खिलाफ दो प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई प्रारंभ की गई।
अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति
जिला कलेक्टर नमित मेहता ने कहा कि राज्य सरकार अरावली क्षेत्र में अवैध खनन की रोकथाम को लेकर पूर्णतया गंभीर है। सरकार की दिशा-निर्देशों के तहत अरावली क्षेत्र में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। अभियान के दौरान दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
