प्रतापगढ़ में नाले की भूमि पर भूखंड आवंटन में अनियमितताओं का खुलासा
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प्रतापगढ़, 6 जनवरी: प्रतापगढ़ शहर में प्राकृतिक नाले और उसके 6 मीटर के बफर जोन में भूखंड आवंटन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच समिति और मौके की रिपोर्ट के अनुसार, यह आवंटन सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) और पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल (PLPC) के आदेशों का उल्लंघन है।
सुप्रीम कोर्ट और NGT के नियमों के अनुसार, नाले और उसके बफर जोन में किसी भी प्रकार के आवासीय या व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं है। बावजूद इसके, हालिया निरीक्षण में यह पाया गया कि तीन भूखंड नाले की भूमि और 6 मीटर बफर क्षेत्र में ई-ऑक्शन के माध्यम से 99 वर्षीय लीज होल्ड राइट्स पर बेचे गए।
मौके की 24 दिसंबर की रिपोर्ट में देवगढ़ दरवाजे से गलजी कुएं तक नाले का राजस्व सीमांकन किया गया और अनियमितताओं का खुलासा हुआ। नगरीय विभाग के निर्देशों और PLPC के निर्णयों के बावजूद नियमों का पालन नहीं हुआ।
इन कमियों के उजागर होने के बाद, नगर परिषद सभापति रामकन्या गुर्जर की अध्यक्षता में हुई एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में नगरीय भूमि निष्पादन नियम 1974 के तहत इन तीनों भूखंडों को ई-ऑक्शन से निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
