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कर्ज और नुकसान से टूटे व्यापारी ने बेटे को वीडियो भेज माही नदी में लगाई छलांग, समय रहते बचाया

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कर्ज और नुकसान से टूटे व्यापारी ने बेटे को वीडियो भेज माही नदी में लगाई छलांग, समय रहते बचाया

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बांसवाड़ा, 7 जनवरी: प्रॉपर्टी व्यवसाय में भारी नुकसान और बढ़ते कर्ज के दबाव से परेशान एक व्यापारी ने आत्महत्या का प्रयास करते हुए माही नदी में छलांग लगा दी। सुसाइड अटेम्प्ट से पहले व्यापारी ने करीब 7 मिनट का भावुक वीडियो अपने 20 वर्षीय बेटे को भेजा, जिसमें उसने अपनी आर्थिक तंगी, मानसिक पीड़ा और परिवार के प्रति चिंता जाहिर की। बेटे द्वारा समय पर सूचना देने से पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर व्यापारी की जान बचा ली।
घटना मध्यप्रदेश के रतलाम निवासी संतोष (45) पुत्र मोहनलाल तेली की है, जो प्रॉपर्टी कारोबारी हैं। वीडियो में संतोष ने बेटे से कहा कि प्रॉपर्टी में बहुत नुकसान हो गया है और कर्ज के कारण अब हालात संभाले नहीं जा रहे। रोज 1-2 हजार रुपए कमाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने बेटे से मां और बहन का ध्यान रखने, मकान बेचकर मां के गहने छुड़वाने और जरूरी रजिस्ट्री का काम पूरा कराने की बात कही। वीडियो में उन्होंने कहा कि उनके कर्म खराब थे और मजबूरी में यह कदम उठा रहे हैं।
बेटे की सूझबूझ से बची जान
वीडियो मिलने के बाद बेटे ने तुरंत रतलाम पुलिस को सूचना दी। रतलाम पुलिस ने राजस्थान पुलिस को अलर्ट किया और लोकेशन साझा की। मामला बांसवाड़ा जिले के आंबापुरा थाना क्षेत्र में माही नदी के गेमन पुल का है, जहां मंगलवार रात करीब 11 बजे संतोष ने नदी में छलांग लगाई।
घने कोहरे में चला रेस्क्यू ऑपरेशन
आंबापुरा थानाधिकारी रमेश मीणा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिया के पास संतोष का मोबाइल और जूते मिले। अंधेरा, कड़ाके की ठंड और घना कोहरा होने के बावजूद दो रेस्क्यू बोट उतारी गईं। टॉर्च की रोशनी में नदी का चप्पा-चप्पा खंगाला गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिया से लगभग 800 मीटर दूर संतोष नदी में बेसुध हालत में मिले, जिनका मुंह पानी से बाहर था। पुलिस ने तुरंत संतोष को बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया, जहां रात करीब 12 बजे उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
आर्थिक दबाव बना कारण
वीडियो में संतोष ने बार-बार कहा कि वह पूरी तरह टूट चुके हैं, सुबह-शाम पैसों की चिंता सताती रहती है और अब और सहन नहीं हो रहा। हालांकि समय पर पुलिस कार्रवाई और बेटे की समझदारी से एक परिवार उजड़ने से बच गया।

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