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बांसवाड़ा में सरकारी कर्मचारियों से होगी 5.50 करोड़ की वसूली

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बांसवाड़ा में सरकारी कर्मचारियों से होगी 5.50 करोड़ की वसूली

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खाद्य सुरक्षा योजना में गड़बड़ी: 2374 कार्मिकों पर 5.49 करोड़ का बकाया
बांसवाड़ा, 7 जनवरी
: बांसवाड़ा जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र होकर भी गेहूं का लाभ उठाने वाले सरकारी कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिला रसद विभाग ने ऐसे कार्मिकों से करोड़ों रुपए की वसूली कर ली है, जबकि शेष बचे कर्मचारियों से करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए की और वसूली की तैयारी की जा रही है। जिला रसद अधिकारी ओमप्रकाश जोतड़ ने स्पष्ट किया है कि समय पर राशि जमा नहीं कराने वालों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएसओ ओमप्रकाश जोतड़ के अनुसार जिले में अभी भी 2,374 ऐसे सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार चिन्हित हैं, जिन्होंने नियमों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ लिया। इनसे कुल 5 करोड़ 49 लाख 92 हजार 7 रुपए की वसूली शेष है। कई कार्मिकों को उपखंड अधिकारियों के माध्यम से नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कुछ से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि कुछ ने चालान जमा करने का दावा तो किया है, परंतु उसकी रसीद प्रस्तुत नहीं की।
अब तक 61 प्रतिशत से अधिक वसूली
विभाग को कुल 6,147 ऐसे सरकारी कर्मचारियों की सूची प्राप्त हुई थी, जिन्होंने सेवा में रहते हुए भी गेहूं का लाभ लिया। इनमें से अब तक 3,773 कार्मिकों से वसूली पूरी की जा चुकी है, जो कुल का करीब 61.37 प्रतिशत है। इनसे सरकारी खजाने में 4 करोड़ 90 लाख 98 हजार 555 रुपए जमा हो चुके हैं।
अतिरिक्त वसूली भी की गई
सूचीबद्ध कार्मिकों के अलावा विभाग ने अपने स्तर पर कार्रवाई करते हुए अन्य अपात्र कर्मचारियों से भी 87 लाख 62 हजार 697 रुपए की अतिरिक्त वसूली की है। डीएसओ ने बताया कि लक्ष्य शत-प्रतिशत वसूली का है।
गिवअप अभियान को मिली गति
अपात्र लाभार्थियों के लिए चलाए जा रहे गिवअप अभियान के तहत जिले में अब तक 1 लाख 35 हजार 647 लोगों ने स्वेच्छा से गेहूं लेना छोड़ दिया है। इस अभियान की अंतिम तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाई गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इसके बाद भी यदि कोई अपात्र व्यक्ति गेहूं उठाता पाया गया तो उससे प्रति किलो 30 रुपए 57 पैसे की दर से वसूली की जाएगी।

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