सहकारिता को पेशेवर व व्यावसायिक मॉडल के रूप में विकसित करना जरूरी: डॉ. भूटानी
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‘सहकार से समृद्धि’ राष्ट्रीय कांफ्रेंस का समापन
उदयपुर, 9 जनवरी: केंद्रीय सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को पारंपरिक सोच से आगे बढ़ाते हुए एक मजबूत, पेशेवर और व्यावसायिक मॉडल के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है। वे होटल ताज अरावली में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय “सहकार से समृद्धि” राष्ट्रीय कांफ्रेंस के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. भूटानी ने कहा कि प्राथमिक कृषि साख समितियां (पैक्स) सहकारी व्यवस्था की रीढ़ हैं। इनके कम्प्यूटरीकरण और डिजिटलीकरण से पारदर्शिता, दक्षता और भरोसे में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि सहकारिता के माध्यम से विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत सितंबर 2026 तक 5 लाख मीट्रिक टन और सितंबर 2027 तक 50 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित है। लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के लिए नियमित निगरानी पर भी उन्होंने जोर दिया।
केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन ने सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। वहीं राजस्थान सहकारिता विभाग की शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार आनन्दी ने राज्य में पैक्स सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा निमोद व रामगढ़ सहकारी समितियों के नवाचारों को रेखांकित किया।
कांफ्रेंस में विभिन्न राज्यों, नाबार्ड और एफसीआई की प्रस्तुतियों के साथ पैक्स सुदृढ़ीकरण, कैशलेस पैक्स, सहकारिता स्टार्टअप, जिला-विशिष्ट व्यवसाय योजनाओं और मॉडल सहकारी ग्राम जैसे विषयों पर गहन मंथन किया गया।
