जिला कलेक्टर ने प्रतापगढ़ शहर के बीचोंबीच नाले पर अवैध निर्माण 7 दिन में ध्वस्त करने के दिए निर्देश
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प्रतापगढ़, 10 जनवरी : प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया ने नगर परिषद् प्रतापगढ़ को निर्देश दिए हैं कि शहर के बीचोंबीच स्थित प्राकृतिक नाला क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण कार्य को आगामी 7 दिवस में विधिक परीक्षण सहित ध्वस्त किया जाए और पूर्ववत् स्थिति बहाल की जाए।
जिला कलेक्टर के पत्र में उल्लेख किया गया कि नाला क्षेत्र मालीखेड़ा (रद्य नाथपुरा) से गांधी चौराहा रोड तक लगभग 1600 मीटर लंबा है। राजस्व रिकार्ड और मास्टर प्लान अनुसार नाले की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर और अधिकतम 19 मीटर है, जबकि अवैध निर्माण से कुछ स्थानों पर यह केवल 5.6 मीटर रह गई है। इससे नाले के प्राकृतिक बहाव और जलवायु प्रदूषण का खतरा उत्पन्न हुआ है।
निर्देश में बताया गया कि यह कार्रवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय जोधपुर एवं जयपुर बेंच, NGT के आदेशों और राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 की धारा 16 के अनुरूप होनी चाहिए। पत्र में चेतावनी दी गई है कि आदेश की अवहेलना करने पर नगर परिषद् पर माननीय न्यायालय के आदेशों के उल्लंघन का दोष सिद्ध होगा और सख्त कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। जिला कलेक्टर ने नगर परिषद्, आयुक्त और तहसीलदार की संयुक्त टीम से नाले की सफाई, संरक्षण और अवैध निर्माण के पूर्ण निस्तारण की सुनिश्चितता का निर्देश दिया है।
