नाबालिग से दुष्कर्म: दोषी को 10 साल की सजा
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1 लाख रुपये का प्रतिकर भी देना होगा
उदयपुर, 13 जनवरी : नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी ऋषिराज (32) को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 45,500 रुपये जुर्माना लगाया। साथ ही पीड़िता को 1 लाख रुपये का प्रतिकर देने का आदेश भी दिया गया।
विशिष्ट लोक अभियोजक महेन्द्र ओझा ने बताया कि 10 सितंबर 2024 को पीड़िता के पिता ने नाई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री दवा लेने के बहाने घर से निकली और लौटकर नहीं आई। पुलिस ने 8 अक्टूबर 2024 को उसे बरामद किया। जांच में पता चला कि आरोपी ऋषिराज ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर दुष्कर्म किया। पीड़िता अनुसूचित जाति की नाबालिग होने के कारण मामला और गंभीर हो गया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में 18 गवाह पेश किए और 39 से अधिक दस्तावेजी साक्ष्य जैसे डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट, बरामदगी मेमो और एफएसएल रिपोर्ट प्रस्तुत की। सह-आरोपी ललित किशोर और उसकी पत्नी पुष्पा को पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर दोषमुक्त कर दिया गया।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे अपराध समाज के लिए घातक हैं और कठोर दंड ही इन्हें रोक सकता है। लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण के लिए कठोर कानूनों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
