भूंगड़ा में वार्षिक भविष्यफल जानने के लिए उमड़ा जनसमूह
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मकर संक्रांति पर चौपड़ा वाचन: वागड़, कांठल और मालवा से भी पहुंचे लोग
बांसवाड़ा, 14 जनवरी: मकर संक्रांति के पावन पर्व पर बांसवाड़ा जिले के भूंगड़ा कस्बे में आयोजित पारंपरिक चौपड़ा वाचन में इस बार भी वार्षिक भविष्यफल जानने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। वागड़, मेवाड़, कांठल और मालवा अंचल से हजारों लोग ग्रह-नक्षत्रों की चाल, मौसम, कृषि, राजनीति और देश-दुनिया के भविष्यफल को सुनने पहुंचे। 135 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने एक बार फिर लोगों को आकर्षित किया।
मकर संक्रांति पर चौपड़ा वाचन, 135 साल पुरानी परंपरा
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित चौपड़ा वाचन में पं. दक्षेश पंड्या ने भगवान शिव की कथा के बाद संवत्सर का वार्षिक भविष्यफल प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मकर संक्रांति माघ मास कृष्ण पक्ष एकादशी को हुई है, जिसमें सिंह वाहन, अश्व सारथी, हाथ में गदा और रजत पात्र में खीर का संयोग बना है। यह संक्रांति राजनेताओं, उच्च अधिकारियों और नीति निर्धारकों के लिए शुभ फलदायी रहेगी, जबकि व्यापार, उद्योग, शेयर बाजार और आयात-निर्यात क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण मानी गई है।

राजा-प्रजा में असंतोष, प्राकृतिक आपदाओं के संकेत
पं. पंड्या ने भविष्यवाणी की कि नए विक्रम वर्ष में राजनीतिक दलों में मतभेद, आतंकी घटनाएं, बड़े शहरों में प्रदूषण, अग्निकांड और साइबर ठगी की घटनाएं बढ़ सकती हैं। समुद्री सीमा से जुड़े देशों में जन-धन की हानि, भूकंप और बाढ़ से नुकसान के योग भी बताए गए।
कृषि और बाजार पर असर
इस वर्ष सोना, चांदी, हल्दी, तुअर, चना सहित कई वस्तुओं के दाम बढ़ने के संकेत हैं। बेमौसम बारिश से किसानों की चिंता रहेगी, हालांकि फसल सामान्य रहेगी। राजा गुरु और मंत्री मंगल होने से कृषि, पशुपालन, शिक्षा और स्वास्थ्य में विकास होगा, लेकिन शिक्षक वर्ग को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।कार्यक्रम में चौपड़ा वाचन समिति अध्यक्ष सोहनलाल पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी, घाटोल डिप्टी महेंद्र कुमार, भूंगड़ा थानाधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व श्रद्धालु उपस्थित रहे।
